केंद्र और राज्य सरकार 7 जनवरी तक दाखिल करें कोयला खदान की रिपोर्ट -कोर्ट

राहत कार्यों को सही तरीके से अंजाम देने में नाकामयाब

नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मेघालय की अवैध कोयला खदान केंद्र और राज्‍य सरकार से मामले की स्‍टेटस रिपोर्ट 7 जनवरी तक दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने सरकार से कहा कि मजदूरों को बचाने के लिए जो भी कार्य किए गए हैं, उनसे संबंधित रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अथॉरिटी शुरुआत में राहत कार्यों को सही तरीके से अंजाम देने में नाकामयाब रही. मेघालय की लुमथरी की कोयला खदान में 13 दिसंबर से 15 मजदूर फंसे हैं.

सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि यह कोयला खदान अवैध है. उसका रखरखाव भी सुचारू रूप से नहीं हो रहा था. उस खदान का नक्‍शा भी उपलब्‍ध नहीं है.

उन्‍होंने बताया कि बचाव कार्य के लिए भारतीय नौसेना के गोताखोर भी बुलाए गए थे. लेकिन वहां पास में नदी होने के कारण बचाव अभियान में कठिनाई हुई.

बता दें कि मेघालय के जयंतिया हिल्स जिले की कोयला खदान में 13 दिसंबर से फंसे मजदूरों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई थी.

इसमें सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को फटकार लगाते हुए कई सवाल पूछे. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि अगर थाईलैंड में हाई पावरपंप भेजे जा सकते हैं तो मेघालय में क्‍यों नहीं.

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