राष्ट्रीय

सीबीआई की साख बचाने के लिए केंद्र को देना पड़ा दखल: AG

अफसरों के बीच की लड़ाई सार्वजनिक होने से देश की प्रमुख जांच एजेंसी की छवि खराब हो रही

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई में मचे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी.

इससे पहले बुधवार को केंद्र की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि सीबीआई के दो शीर्ष स्तर के अफसरों के बीच की लड़ाई सार्वजनिक होने से देश की प्रमुख जांच एजेंसी की छवि खराब हो रही थी. इसी वजह के केंद्र को सीबीआई की साख बचाने के लिए दखल देना पड़ा.

गौरतलब है की सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र द्वारा छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले को चुनौती दी है. कोर्ट में आलोक वर्मा की दलील है कि उन्हें हटाने से पहले नियम का पालन नहीं किया गया,

क्योंकि सीबीआई के निदेशक को हटाने का फैसला एक कमेटी करती है. लेकिन उनके बारे में इस तरह की किसी भी कमेटी से मशविरा नहीं लिया गया.

वहीं, मामले में केंद्र की दलील है कि आलोक वर्मा के खिलाफ विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने सीवीसी के समक्ष शिकायत थी और सीवीसी की सिफारिश के आधार पर उन्हें छुट्टी पर भेजा गया.

वहीं, बुधवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम को बताया कि सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारी आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना की लड़ाई सार्वजनिक हो चुकी थी. जिससे प्रमुख जांच एजेंसी की छवि खराब हो रही थी, जिसे लेकर लोगों का भरोसा कम हो रहा था.

आपको बता दें कि सीबीआई के दो शीर्ष अफसरों के रिश्वतखोरी विवाद में फंसने के बाद 23 अक्टूबर को केंद्र ने ज्वॉइंट डायरेक्टर एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त कर दिया था.

इसी के साथ जांच पूरी होने तक निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के साथ कुछ अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था.

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