केन्द्रीय निदेशक ने भूमि एवं जलसंरक्षण कार्याें का किया निरीक्षण

चेक डेम बनने से कई स्थानों के जलस्तर में हुई वृद्धि

रायपुर, 20 अक्टूबर 2021 : भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के भूमि संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे भूमि एवं जलसंरक्षण कार्याे का निरीक्षण किया गया। इस परिप्रेक्ष्य में 18 एवं 19 अक्टूबर को जलग्रहण प्रबंधन के निदेशक  राजेश सिंह ने बेमेतरा जिले का दौरा कर क्षेत्र में हुए जलसंरक्षण के कार्यों और उससे हुई जलस्तर में वृद्धि का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान किसानों से जलसंरक्षण कार्यों से हुए लाभ के बारे में भी जानकारी ली। श्री सिंह ने चेक डेम का निरीक्षण करते हुए छत्तीसगढ़ में हो रहे जलसंरक्षण कार्यों के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सराहना की।

सिंह ने सर्वप्रथम ग्राम हथमुड़ी में चेक डेम का निरीक्षण किया और किसानों से मिलकर चर्चा की। किसानो ने बताया कि चेक डेम से उन्हे खेती की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है। पर्याप्त पानी की उपलब्धता के कारण वे दोहरी फसल भी लेने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है।

सुराजी गांव योजना

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश शासन द्वारा सुराजी गांव योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत नरवा विकास का काम शुरू किया गया है। कृषि विभाग सहित अन्य विभागों की मदद से जलस्त्रोतों और प्राकृतिक जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। इससे भूमि जलस्तर में वृद्धि हो रही है, जिसका लाभ ग्रामीणों और किसानों को हो रहा है।

सिंह ने ग्राम उघरा, ओटेबंद, लालपुर सहित अन्य चेक डेम का भी अवलोकन किया। निरीक्षण में पता चला कि ग्राम लालपुर में चेकडेम के बनने से वहां का जलस्तर ऊपर आ गया है, जिससे हैंडपंप स्वतः चल रहा है। चेक डेम से संरक्षित जल का सब्जी बाड़ी और अन्य फसल में उपयोग किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, जलसंरक्षण के मैदानी अमले सहित किसान उपस्थित थे।

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