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केंद्र सरकार ने ‘आयुष्मान सहकार’ योजना शुरू करने का किया ऐलान

इस योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का ऋण कराएगा उपलब्ध

नई दिल्ली: गांवों में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने आयुष्मान सहकार योजना की शुरुआत की है. इस अंतर्गत शीर्ष स्वायत्त विकास वित्त संस्थान राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने सहकारी समितियों द्वारा देश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया है.

इस योजना के तहत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए सहकारी समितियों को 10,000 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराएगा. सोमवार को लांच की गई आयुष्मान सहकार योजना के तहत सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण इलाकों में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोलने से लेकर अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा.

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने सोमवार को एक नई स्कीम आयुष्मान सहकार का शुभारंभ किया. इस योजना के तहत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सहकारी समितियों को 10,000 करोड़ रुपये के लोन उपलब्ध कराएगा. NCDC के मैनेजिंग एडिटर संदीप नायक ने कहा कि देश में करीब 52 अस्पताल सहकारी समितियों द्वारा संचालित हैं. इन अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 5,000 है.

ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेंगी ये सुविधाएं- ‘आयुष्मान सहकार स्कीम’ ग्रामीण क्षेत्रों में हॉस्पिटल, हेल्थकेयर व एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना, आधुनिकीकरण, विस्तार, मरम्मत, रिनोवेशन को कवर करेगी. यह सहकारी अस्पतालों की मेडिकल व आयुष शिक्षा शुरू करने में मदद भी करेगी.

स्कीम परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्किंग कैपिटल और मार्जिन मनी भी उपलब्ध कराएगी. बयान में कहा गया कि स्कीम महिलाओं की अधिकता वाली सहकारी समितियों को 1 फीसदी का इंट्रेस्ट सबवेंशन उपलब्ध कराएगी.

उन्होंने कहा कि NCDC के कोष से सहकारिताओं द्वारा स्वास्थ्य सेवा के प्रावधान को प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिन भी सहकारी समितियों के उपनियमों में स्वास्थ्य सेवा से संबंधित गतिविधियों के लिए उचित प्रावधान है, वे NCDC से कर्ज प्राप्त कर सकेंगी.

NCDC की ओर से यह वित्तीय मदद या तो राज्य सरकारों के माध्यम या पात्र सहकारी समितियों को सीधे प्राप्त होगी. अन्य स्रोतों से सब्सिडी या अनुदान परस्पर अनुबंध के हिसाब से होगा.

किसान कल्याण की दिशा में एक ओर कदम- रूपाला ने वर्चुअल तरीके से इस योजना का शुभारंभ करने के बाद कहा कि मौजूदा महामारी के दौर और सुविधाओं के निर्माण की जरूरत महसूस हुई है. NCDC की योजना केंद्र सरकार की ओर से किसानों के कल्याण की गतिविधियों की दिशा में एक ओर कदम है.

पूरे देश में और खासकर ग्रामीण इलाकों में कोऑपरेटिव की अहम मौजूदगी है. दुग्ध उत्पादन से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कोऑपरेटिव किसानों के बीच काम कर रही हैं. इनमें कुछ कोऑपरेटिव संस्थाएं ऐसी भी हैं जो अस्पताल भी चलाती हैं.

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