केंद्र सरकार का दावा, देश में इंसानों से दूर है अभी बर्ड फ्लू, नुकसान पर मिलेगा मुआवजा

संजीव बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार दो तरह की तैयारियों में जुटी है.

कोरोना संक्रमण के बीच देश में बर्ड फ्लू की दस्तक से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर प्लान बनाया है. केन्द्रीय मतस्य एवं पशुपालन राज्य मंत्री संजीव बालियान ने टीवी 9 भारतवर्ष से बातचीत में बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में इसे लेकर एक कंट्रोल रूम बनाया है और सभी राज्यों के सम्पर्क में है. राहत की बात यह है कि देश में कहीं से भी बर्ड फ्लू की वजह से संक्रमण अभी तक किसी भी इंसान में नहीं आया है.

संजीव बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार दो तरह की तैयारियों में जुटी है. एक ऐसे राज्य जहां बर्ड फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं. दूसरे ऐसे राज्य जहां ऐसे मामले सामने तो नहीं है लेकिन बिमारी के फैलाव की आशंका है. सबसे पहले जिन राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले आए हैं वहां पॉल्ट्री फार्म को चिन्हित किया जा रहा है और इससे संबंधित कदम उठाए जा रहे हैं. इस संबंध में प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकारों से केन्द्र सरकार को भेजन के लिए कहा गया है.

कंट्रोल रूम और इमरजेंसी नंबर

राज्य सरकारों के लिए केंद्र सरकार ने इमरजेंसी नंबरर भी जारी किया है, जिसमें यदि किसी राज्य में बड़ी तेजी से बीमारी के फैलता हुआ दिख रहा हो तो वहां के लिए क्या एहतिहातन कदम उठाए जाएं. साथ ही संबंधित राज्य जहां बीमारी फैल रही है उसकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और तकनीकि सपोर्ट के लिए केंद्र सरकार तैयार है.

कहां से आई बीमारी

केंद्रीय मतस्य और पशुपालन मंत्रालय के अनुसार यह बीमारी प्रवासी पक्षियों की वजह से भारत में आई है. सितंबर और अक्टूबर के महीने में हजारों की संख्या में पक्षी भारत आए हैं. उन्हीं के माध्यम से यह बीमारी हमारे देश में भी आई है. केंद्र सरकार ऐसे प्रवासी पक्षियों के प्रवास वाले इलाके पर विशेष नजर रखी है.

जंगल के पर्यावरण पर रखें नजर

केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि हमने राज्यों से कहा कि अपने यहां के स्थानीय जंगलों पर विशेष ध्यान दें. वहां पक्षियों के पर्यावरण पर बारीकी से नजर रखें. मसलन यदि जंगल में बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत होती है तो तुरंत इसकी सूचना दें और पक्षियों के सैंपल भेजा जाए.

डरने की जगह समझने की जरूरत

संजीव बालियान ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर काफी पैनी नजर बनाए हैं. ऐसे में जरूरी इस बात की है कि भ्रम और अफवाहों से बचें. फिलहाल मुर्गी अथवा अंडे का सेवन करने से पहले उसे अच्छी तरह से पका लें.

देश में बर्ड फ्लू के मामले

मतस्य और पशुपालन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में समय-समय पर बर्ड फ्लू का खतरा पाया गया है, जिसमें साल 2015 में 88775 , 2016 में 85819, 2017 में 2113, साल 2018 में 13308, साल 2019 में 5902 और 2020 में 6541 पक्षियों की मौत हो चुकी है. इसमें जंगली और घरेलू पक्षी भी शामिल हैं.

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