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राफेल सौदे पर केंद्र सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए : कांग्रेस

नई दिल्ली: फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे को लेकर केंद्र सरकार पर कांग्रेस का हमलावर रुख जारी है. शुक्रवार को ही कांग्रेस ने शुक्रवार को ही पीएम मोदी की सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने तथा 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद कर सरकारी खजाने को 12,362 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था.

राफेल विमान की निर्माता कंपनी डसाल्ट एविएशन की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि इस कंपनी ने अपना एक विमान कतर एवं मिस्र को जिस दाम पर बेचा था उसके 11 माह बाद भारत को उस दाम से 351 करोड़ रुपये अधिक पर बेचा.

गौरतलब है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मेक्रों भारत की यात्रा पर आए हुए हैं. कांग्रेस ने राजग सरकार पर राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर हमला बोलते हुए इसे मूल घोटाला बताया और सरकार से उसका पक्ष स्पष्ट करने को कहा है. कांग्रेस के प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा कि इस लड़ाकू विमान को खरीदने के लिए भारत को कतर एवं मिस्र जैसे देशों की तुलना में अधिक धन देना पड़ा. यह धन किसी परमार्थ के लिए नहीं दिया गया.

पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि धन कहां गया. उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि यह धन किसकी जेब में गया. वडक्कन ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले तीन दिन से यह मामला उठा रही है. लेकिन जवाब में सरकार या भाजपा की तरफ से एक भी शब्द नहीं कहा गया है. इनकार भी नहीं किया गया.

भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह देश को गुमराह करने के लिए झूठ और भ्रम फैला रही है. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि राफेल लड़ाकू विमान की आपूर्ति के लिए 7.5 अरब यूरो के सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाना गैर जिम्मेदाराना और राष्ट्र विरोधी है. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, भ्रष्टाचार कहां हुआ? इस प्रकार के आरोप लगाना गैर जिम्मेदाराना और राष्ट्र विरोधी है?

उधर, कांग्रेस ने इस मुद्दे को फिर तूल देते हुए कहा कि सरकार का रुख उस बिल्ली के समान है जो आंख बंद कर और यह मानकर दूध पी रही है कि उसे कोई नहीं देख रहा. वडक्कन ने कहा, सरकार, रक्षा मंत्रालय को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. वे क्या छिपाना चाहते हैं? उन्होंने कहा, आप संप्रग को भ्रष्ट कहते हैं. यदि यह भ्रष्टाचार नहीं है तो क्या है. यह एक मूल घोटाला है जिस पर राजग को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए.

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