छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत सीईओ जिला पंचायत ने लिया आंगनबाड़ी का जायजा

राजशेखर नायर:

धमतरी: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान को सफलीभूत बनाने हेतु जिले के कुपोषित आंगनबाड़ियों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम ने मौके पर पहुंचकर कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती माताओं को अभियान के तहत् कराये जाने वाले पौष्टिक भोजन का जायजा लिया।

ग्राम खरेंगा, झिरिया, कोर्रा एवं चर्रा सेक्टर के आंगनबाड़ियों में पहुंचकर सीईओ जिला पंचायत ने कार्यकर्ताओं को पोषण अभियान के तहत् कुपोषित बच्चों और एनिमिक महिलाओं को निःशुल्क गर्म और पौष्टिक भोजन प्रतिदिन उपलब्ध कराये जाने की जानकारी ली।

तत्पश्चात् मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने जिले में सबकी सहभागिता से पूरे जोश के साथ कुपोषण को जड़ से समाप्त करने हेतु अभिभावकों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

उन्होंने यह भी बताया कि शासन द्वारा इस अभियान के तहत् जन्म से 05 वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित 15 से 49 वर्ष वर्ग के महिलाओं को कुपोषण और एनीमिया से आगामी 03 वर्षों में मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करें।

05 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन

इस अभियान के तहत् 05 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन करें और एनीमिया पीड़ित बच्चों और महिलाओं की वास्तविक जानकारी लेकर चरणबद्ध तरीके से लाभान्वित करे। कुपोषण प्रभावित बच्चों और महिलाओं को आंगनबाड़ी केन्द्र में दिये जाने वाले पूरक पोषण आहार के अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर उपलब्ध और आवश्यकतानुसार पौष्टिक आहार निःशुल्क दिये जाने के निर्देश दिये। प्रभावितों को आयरन पोलिक एसिड, कृमीनाशक गोली देने की व्यवस्था विभाग द्वारा की गई है जिसे समयानुसार अभिभावकों को उपलब्ध करावें।

ग्रामीणों को पोषण संबंधी जानकारी देकर कुपोषण को दूर भगाने के उद्देश्य से पूरे माह भर लोगों में जागरूकता के लिए पोषण माह को स्थानीय पर्वों एवं विभिन्न आयोजनों से जोड़कर लोगों में जनजागरूकता लायें। पोषण की 05 सूत्र की जानकारी देवें।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने महिमा अभियान की भी विस्तृत जानकारी देते हुए किशोरी बालिकाओं को मुक्त सेनेेटरी एवं नेपकीन वितरण करने के भी निर्देश दिये गये। एनीमिया, डायरिया, स्वच्छता और साफ-सफाई की जानकारी देकर सही पोषण देश रोशन की अवधारणा को घर-घर पहंुचाये।

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