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चक्का जाम: दिल्ली-एनसीआर में 50 हजार सुरक्षाबल तैनात, पढ़ें पूरा शेड्यूल

किसानों का कहना है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा।

कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से किसानों का प्रदर्शन जारी है। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के बाद अब किसान आंदोलन को और धार देने के लिए किसान संगठन आज तीन घंटे के लिए देशव्यापी चक्का जाम करेंगे। कांग्रेस सहित लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने इस चक्का जाम को अपना समर्थन दिया है। इसका असर दिल्ली में नहीं होगा फिर भी एहतियातन 50 हजार सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 12 मेट्रो स्टोशनों को अलर्ट पर रखा गया है। किसानों का कहना है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा। किसान शांतिपूर्ण तरीके से देश के अन्य हिस्सों में तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को बाधित करेंगे।

ड्रोन से रखी जा रही है नजर

किसानों द्वारा ‘चक्का जाम’ के आह्वान के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। लोनी बॉर्डर (गाजियाबाद) का दृश्य जहां स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

रिजर्व में हैं सुरक्षाबलों की पचास कंपनियां 

बॉर्डर के चार किलोमीटर के इलाके में सात लेयर की सुरक्षा की गई है। साथ ही पुलिस बल का सख्त पहरा लगा दिया गया है। ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा को देखते हुए सीमावर्ती इलाके में अदर्धसैनिक बलों की पचास कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। पचास कंपनियां आस पास के इलाके में गश्त करेंगी जबकि पचास कंपनियों को रिजर्व में रखा गया है।

दिल्ली आने वाली 125 सड़कों पर चौकस है सुरक्षा

दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान सीमा और आस पास के इलाके में सुरक्षा इंतजाम के बारे में जानकारी ली और वहां कड़े बंदोबस्त करने के निर्देश दिए। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा के इंतजाम के साथ साथ दिल्ली में प्रवेश करने वाली करीब 125 सड़कों पर भी सुरक्षा चौकस कर दी गई है।

लाल किले पर तैनात है भारी पुलिसबल

लाल किले पर एहतियातन भारी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। आज कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान संगठनों ने देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है।

गाजीपुर सीमा पर तैनात है वाटर कैनन

गाजीपुर सीमा पर किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन के साथ व्यापक रूप से बैरिकेडिंग की गई है। आज कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान संगठनों ने देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है।

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