छत्तीसगढ़

बस्तर में कांग्रेस के सामने जीत बचाए रखने की चुनौती

-प्रदीप शर्मा

रायपुर।

साल 2003 के परिसीमन में अस्तित्व में आई अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित बस्तर विधानसभा सीट पर छत्तीसगढ़ बनने के बाद कांग्रेस और भाजपा के विधायक बारी-बारी से जीत कर विधानसभा में पहुंचते रहे हैं। वर्तमान में यहां से कांग्रेस के लखेश्वर बघेल विधायक चुने गए हैं।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां से डॉ. सुभाऊ कश्यप को अपना उम्मीदवार बनाया था वहीं कांग्रेस की ओर से लखेश्वर बघेल मैदान में थे। इस चुनाव में भाजपा के डॉ. सुभाऊ कश्यप ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के लखेश्वर बघेल को 1201 मतों से हराया। डॉ. सुभाऊ कश्यप को 39991 मत मिले वहीं लखेश्वर बघेल को 38790 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने पुराने चेहरे डॉ. सुभाऊ कश्यप को दोबारा अपना प्रत्याशी बनाया। जिन्हें एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने लखेश्वर बघेल को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में लखेश्वर बघेल ने डॉ. सुभाऊ कश्यप को सीधे मुकाबले में 19168 मतों से हराया। लखेश्वर बघेल को 57942 मत मिले वहीं डॉ. सुभाऊ कश्यप को 38774 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले चुनाव में कांग्रेस को बस्तर विधानसभा सीट पर अपनी जीत बरकरार रखने की चुनौती से जूझना होगा तो भाजपा इस बार किसे अपना प्रत्याशी बनाती ये आने वाले वक्त में साफ हो पाएगा। इस बार सर्व आदिवासी समाज, सीपीआई, आम आदमी पार्टी और जोगी-बसपा गठबंधन भी मैदान में है, ऐसे हालात में बहुकोणीय मुकाबले के आसार हैं।

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