चंद्रपुर और सक्ती में भाजपा को जीत बचाने की चुनौती

प्रदीप शर्मा

सक्ती विधानसभा क्षेत्र चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र

सक्ती में महंत की चुनौती

बढ़ाएगी भाजपा की परेशानी 

चंद्रपुर में भगवा परचम

कांग्रेस को चेहरे की तलाश

खेलावन साहूयुद्धवीर सिंह जूदेवसामान्य वर्ग की सीट चंद्रपुर और सक्ती में वर्तमान में भाजपा के विधायक काबिज हैं। चंद्रपुर विधानसभा सीट पर वर्तमान में युद्धवीर सिंह जूदेव व सक्ती विधानसभा सीट पर खिलावन साहू विधायक चुने गए हैं। हालांकि इन सीटों पर 2003 से पहले कांग्रेस को जीत मिलती रही पर साल 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां से एनसीपी के नोवेल वर्मा ने जीत हासिल की थी।

रायपुर: छत्तीसगढ़ बनने के बाद से सक्ती सामान्य विधानसभा सीट पर चुनावी नतीजे उलट फेर वाले साबित होते रहे हैं। साल 2003 में भाजपा ने जीत का परचम लहराया था। इस चुनाव में भाजपा ने मेघाराम साहू को अपना उम्मीदवार बनाया था वहीं कांग्रेस की ओर से मनहरण राठौर मैदान में थे। जिसमें भाजपा के मेघाराम साहू ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के मनहरण राठौर को 3272 मतों से हराया। इस चुनाव में भाजपा के मेघाराम साहू को 27680 मत मिले वहीं कांग्रेस के मनहरण राठौर को 24408 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव भाजपा ने अपने पुराने प्रत्याशी मेघाराम साहू को दोबारा मैदान में उतारा। इस चुनाव में भाजपा को इंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए अपने पूर्व प्रत्याशी मनहरण राठौर की पत्नी सरोजा मनहरण राठौर को मैदान में उतारा था। जिसमें जीत की बाजी कांग्रेस के पाले में रही। इस चुनाव में कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर ने भाजपा के मेघाराम साहू को सीधे मुकाबले में 9392 मतों से हराया। इस चुनाव में कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर को 47368 मत मिले वहीं भाजपा के मेघाराम साहू को 37976 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने उम्मीदवार में बदलाव करते हुए डॉ. खेलावन साहू को अपना उम्मीदवार बनाया था। भाजपा की यह चाल कामयाब रही और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस ने सरोजा मनहरण को दोबारा मैदान में उतारा था। जिन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के डॉ. खेलावन साहू ने कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर को सीधे मुकाबले में 9033 मतों से हराया। भाजपा के डॉ. खेलावन साहू को 51577 मत मिले वहीं कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर को 42544 मतों से संतोष करना पड़ा।

कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इस सीट कांग्रेस अपने पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री चरणदास महंत को अपना उम्मीदवार बना सकती है। वहीं भाजपा के सामने एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की परेशानी हो सकती है। इस बार भाजपा इस सीट पर अपनी जीत बरकरार रखने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। इस बार जोगी कांग्रेस-बसपा गठबंधन भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं। ऐसे में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं।

रायपुर: छत्तीसगढ़ बनने के बाद से सक्ती सामान्य विधानसभा सीट पर चुनावी नतीजे उलट फेर वाले साबित होते रहे हैं। साल 2003 में भाजपा ने जीत का परचम लहराया था। इस चुनाव में भाजपा ने मेघाराम साहू को अपना उम्मीदवार बनाया था वहीं कांग्रेस की ओर से मनहरण राठौर मैदान में थे। जिसमें भाजपा के मेघाराम साहू ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के मनहरण राठौर को 3272 मतों से हराया। इस चुनाव में भाजपा के मेघाराम साहू को 27680 मत मिले वहीं कांग्रेस के मनहरण राठौर को 24408 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव भाजपा ने अपने पुराने प्रत्याशी मेघाराम साहू को दोबारा मैदान में उतारा। इस चुनाव में भाजपा को इंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए अपने पूर्व प्रत्याशी मनहरण राठौर की पत्नी सरोजा मनहरण राठौर को मैदान में उतारा था। जिसमें जीत की बाजी कांग्रेस के पाले में रही। इस चुनाव में कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर ने भाजपा के मेघाराम साहू को सीधे मुकाबले में 9392 मतों से हराया। इस चुनाव में कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर को 47368 मत मिले वहीं भाजपा के मेघाराम साहू को 37976 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने उम्मीदवार में बदलाव करते हुए डॉ. खेलावन साहू को अपना उम्मीदवार बनाया था। भाजपा की यह चाल कामयाब रही और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस ने सरोजा मनहरण को दोबारा मैदान में उतारा था। जिन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के डॉ. खेलावन साहू ने कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर को सीधे मुकाबले में 9033 मतों से हराया। भाजपा के डॉ. खेलावन साहू को 51577 मत मिले वहीं कांग्रेस की सरोजा मनहरण राठौर को 42544 मतों से संतोष करना पड़ा।

कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इस सीट कांग्रेस अपने पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री चरणदास महंत को अपना उम्मीदवार बना सकती है। वहीं भाजपा के सामने एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की परेशानी हो सकती है। इस बार भाजपा इस सीट पर अपनी जीत बरकरार रखने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। इस बार जोगी कांग्रेस-बसपा गठबंधन भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं। ऐसे में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं।

चंद्रपुर में भगवा परचम, कांग्रेस को चेहरे की तलाश

चंद्रपुर सामान्य सीट पर 2003 के विधानसभा चुनाव में एनसीपी ने जीत का खाता खोला था। एनसीपी के नोवेल वर्मा जीत कर विधानसभा में पहुंचे थे। इस चुनाव में एनसीपी के नोबेल वर्मा ने भाजपा के कृष्णकांत चंद्रा को सीधे मुकाबले में 19498 मतों से हराया था। एनसीपी के नोवेल वर्मा को 31929 मत मिले वहीं भाजपा के कृष्णकांत चंद्रा को 19498 मतों से संतोष करना पड़ा।
साल 2008 के विधानसभा चुनाव में ने दलबदल कर कांग्रेस में शामिल हुए एनसीपी विधायक नोवेल वर्मा को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन जीत की बाजी भाजपा के हाथ रही।

कांग्रेस के नोवेल वर्मा को इंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव चंद्रपुर से जीत कर विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रहे। भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस नोवेल वर्मा को 17290 मतों से हराया। भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव को 48843 मत मिले वहीं कांग्रेस के नोवेल वर्मा को 31553 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में चंद्रपुर में भाजपा अपनी जीत दोहराने में कामयाब रही। इस चुनाव में भाजपा ने युद्धवीर सिंह जूदेव को दोबारा अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए रामकुमार यादव को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के रामकुमार यादव को 6217 मतों से हराया। भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव को 51295 मत मिले वहीं कांग्रेस के रामकुमार यादव को 45078 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले चुनाव में भाजपा के गढ़ चंद्रपुर में सेध लगाने के लिए कांग्रेस के सामने उम्मीदवार चयन की परेशानी होगी तो भाजपा के सामने अपनी जीत बचाने की चुनौती। वहीं जोगी कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी की उपस्थिति से चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार सामने आ रहे हैं। कांग्रेस का चेहरा कौन होगा ये आने वाले समय में साफ हो पाएगा वहीं गठबंधन को भी जिताऊ चेहरे की तलाश है।

चंद्रपुर सामान्य सीट पर 2003 के विधानसभा चुनाव में एनसीपी ने जीत का खाता खोला था। एनसीपी के नोवेल वर्मा जीत कर विधानसभा में पहुंचे थे। इस चुनाव में एनसीपी के नोबेल वर्मा ने भाजपा के कृष्णकांत चंद्रा को सीधे मुकाबले में 19498 मतों से हराया था। एनसीपी के नोवेल वर्मा को 31929 मत मिले वहीं भाजपा के कृष्णकांत चंद्रा को 19498 मतों से संतोष करना पड़ा।
साल 2008 के विधानसभा चुनाव में ने दलबदल कर कांग्रेस में शामिल हुए एनसीपी विधायक नोवेल वर्मा को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन जीत की बाजी भाजपा के हाथ रही।

कांग्रेस के नोवेल वर्मा को इंटीइनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव चंद्रपुर से जीत कर विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रहे। भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस नोवेल वर्मा को 17290 मतों से हराया। भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव को 48843 मत मिले वहीं कांग्रेस के नोवेल वर्मा को 31553 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में चंद्रपुर में भाजपा अपनी जीत दोहराने में कामयाब रही। इस चुनाव में भाजपा ने युद्धवीर सिंह जूदेव को दोबारा अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए रामकुमार यादव को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के रामकुमार यादव को 6217 मतों से हराया। भाजपा के युद्धवीर सिंह जूदेव को 51295 मत मिले वहीं कांग्रेस के रामकुमार यादव को 45078 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले चुनाव में भाजपा के गढ़ चंद्रपुर में सेध लगाने के लिए कांग्रेस के सामने उम्मीदवार चयन की परेशानी होगी तो भाजपा के सामने अपनी जीत बचाने की चुनौती। वहीं जोगी कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी की उपस्थिति से चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार सामने आ रहे हैं। कांग्रेस का चेहरा कौन होगा ये आने वाले समय में साफ हो पाएगा वहीं गठबंधन को भी जिताऊ चेहरे की तलाश है।

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