मुंगेली-तखतपुर में बदला समीकरण, जोगी-बसपा गठबंधन की चुनौती

पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र मरवाही विधानसभा क्षेत्र

मुंगेली का किला बचाने भाजपा

को लगाना होगा दमखम 

तखतपुर में जीत का मामूली

अंतर बना राजू के लिए खतरा

पुन्नूलाल मोहिले

राजू सिंह क्षत्रियअविभाजित मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए सुरक्षित मुंगेली विधानसभा क्षेत्र ज्यादातर चुनाव में भाजपा का कब्जा रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार के मंत्री पुन्नूलाल यहां से विधायक चुने गए हैं। लगातार दो बार चुनाव जीत का रिकार्ड बनाने वाले पुन्नू लाल मोहिले पिछले चुनाव में 2745 मतों के मामूली अंतर से अपनी जीत बचा पाने में कामयाब रहे। इस बार मतों का कम अंतर उन्हें परेशानी में डाल सकता है।
वहीं तखतपुर में उलटफेर वाले नतीजे आते रहे हैं। सामान्य वर्ग की सीट होने की वजह से यहां बसपा, कांग्रेस और बीजेपी में त्रिकोणीय मुकाबला होता रहा है। वर्तमान विधायक राजू सिंह क्षत्रिय पिछले दो चुनाव में यहां से जीत हासिल करते रहे हैं, मगर हर बार जीत का अंतर कम होता जा रहा है।

रायपुर: साल 2003 के विधानसभा चुनाव में मुंगेली सुरक्षित सीट पर कांग्रेस ने चंद्रभान बारमते को अपना उम्मीदवार बनाया था। जिन्होंने सीधे मुकाबले में भाजपा के विक्रम मोहिले को 6756 मतों से हराया। इस चुनाव में कांग्रेस के चंद्रभान बारमते को 41377 मत मिले वहीं भाजपा के विक्रम मोहिले को 34621 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए पूर्व सांसद पुन्नूलाल मोहिले को मैदान में उतारा। इस चुनाव में जीत की बाजी भाजपा के हाथ लगी वहीं कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के पुन्नूलाल मोहिले ने त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के चुरावन मंगेश्कर को 10325 मतों से हराया। इस चुनाव में बसपा को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। भाजपा के पुन्नूलाल मोहिले को 52074 मत मिले वहीं कांग्रेस चुरावन मंगेश्कर को 42749 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पुन्नूलाल मोहिले को दोबारा अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रभान बारमते से कड़ा मुकाबला करना पड़ा पर वे 2745 मतों से अपनी जीत बचा पाने में कामयाब रहे। इस चुनाव में भाजपा के पुन्नूलाल मोहिले को 61026 मत मिले वहीं कांग्रेस के चंद्रभान बारमते को 58281 मतों से संतोष करना पड़ा। बसपा तीसरे स्थान पर रही।

आने वाले चुनाव में मुुंगेली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को कम मतों से मिली जीत बड़ा फैक्टर साबित होने वाली है। मुंगेली विधानसभा में चुनावी नतीजों में बसपा को मिलने वाले वोटों से ही हार जीत तय होती रही है। इस बार कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रभान बारमते पार्टी छोड़कर अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है।

अब जोगी कांग्रेस और बसपा में चुनावी गठबंधन होने के बाद इस सीट पर जोगी कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़ी करेगी या गठबंधन के तहत ये सीट बसपा को मिल सकती है ये भविष्य तय करेगा मगर इतना तो तय है कि दोनों दलों का चुनावी गठबंधन भाजपा के लिए परेशानी खड़ा करने वाला साबित होगा। फिलहाल भाजपा को अपना गढ़ बचाने के लिए पूरा दमखम लगाना पड़ेगा। वहीं कांग्रेस इस बार किसे उम्मीदवार बनाती इसे लेकर संशय बना हुआ है।

तखतपुर में बदलेगा भाजपा का चेहरा ?

साल 2003 के विधानसभा चुनाव में तखतपुर सामान्य सीट पर कांग्रेस के बलराम सिंह ठाकुर ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में उन्होंने भाजपा के जगजीत सिंह मक्कड़ को 6691 मतों से हराया। कांग्रेस के बलराम सिंह ठाकुर को 39362 मत मिले वहीं भाजपा के जगजीत सिंह मक्कड़ को 32671 मतों से संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर की वजह से हार का सामना करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बलराम सिंह ठाकुर को दोबारा मैदान में उतारा। जिन्हें भाजपा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से अपनी हार का बदला चुकता कर दिया। भाजपा ने इस चुनाव में राजूसिंह क्षत्रिय को अपना उम्मीदवार बनाया था। जिन्होंंने त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के बलराम सिंह ठाकुर को 5593 मतों से हराया। भाजपा के राजू सिंह क्षत्रिय को 43431 मत मिले वहीं कांग्रेस के बलराम सिंह ठाकुर को 37838 मतों से संतोष करना पड़ा। बसपा तीसरे स्थान पर रही।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने पूर्व विधायक राजूसिंह क्षत्रिय पर दोबारा दांव लगाया और भाजपा की चाल कामयाब रही। भाजपा के राजूसिंह क्षत्रिय ने त्रिकोणीय मुकाबले में आशीष सिंह ठाकुर को 608 मतों से हराया। इस चुनाव में बसपा तीसरे स्थान पर रही। भाजपा के राजूसिंह क्षत्रिय को 44735 मत मिले वहीं कांग्रेस आशीष सिंह ठाकुर को 44127 मतों से संतोष करना पड़ा।

कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले चुनाव में भाजपा अपनी जीत बरकरार रखने के लिए उम्मीदवार बदल सकती है। वहीं कांग्रेस किसे अपना उम्मीदवार बनाती ये सूची जारी होने के बाद ही सामने आ पाएगा। वहीं जोगी कांग्रेस और बसपा का गठबंधन चुनावी नतीजे सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।

Back to top button