कोरोना टीकाकरण के लिए पंजीकरण के कुछ नियमों में किया गया बदलाव

सरकार ने राज्य सरकारों व जिला प्रशासन को अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी

नई दिल्ली:कोरोना टीकाकरण के लिए पंजीकरण के कुछ नियमों में बदलाव किया गया है, जिसके अनुसार अब इस बार मोबाइल नंबर से ही पंजीकरण होगा, फोन पर ओटीपी राज्यों की जिम्मेदारी होगी। वहीँ इस बार लाभार्थी ‘कोविड 2.0 एप’ से खुद भी पंजीकरण करा सकेंगे। इसके अलावा टीकाकरण केंद्र पर भी पंजीकरण हो जाएगा।

सरकार ने राज्य सरकारों व जिला प्रशासन को अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए आशा वर्कर, एएनएम, पंचायती राज प्रतिनिधियों और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय किया जाएगा।

टीका कराने वाले सभी को एक क्यूआर कोड दिया जाएगा जिस पर एक लिंक होगा, जहां से वह टीका लगने का प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेंगे। वैसे टीकाकरण केंद्रों पर भी यह प्रमाण पत्र मिलेगा। एक मोबाइल नंबर पर चार लोगों का पंजीकरण हो सकेगा। वैरिफिकेशन के बाद पहचान पत्र देना होगा जिसे टीका लगवाने के दौरान दिखाना होगा।

पहली खुराक लगने के ठीक 29 दिन बाद कंप्यूटर सिस्टम के जरिए दूसरी खुराक का मैसेज जाएगा। आप अपने हिसाब से समय, दिन व टीका लगाने का स्थान चुन सकते हैं। टीका लगवाने जाते वक्त आधार या वोटर कार्ड होना जरूरी है।

सरकार ने दिव्यांगता की कुछ श्रेणियों को भी सूची में शामिल किया है। इसमें मानसिक दिव्यांग (इंटलेक्चुअल डिसएबिलिटी या मेंटल रिटार्ड), बहरापन समेत एक से अधिक दिव्यांगता, आनुवांशिक बीमारी, मासपेशियों के दुर्विकार से पीड़ित मरीजों को शामिल किया गया है। इसके अलावा उन तेजाब पीड़ितों को भी टीका लग सकेगा जिनकी श्वास प्रणाली प्रभावित हो.

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