छत्तीसगढ़

पोषण पुनर्वास केंद्र से विधि और राशि की जिंदगी बदली

- मनीष शर्मा

मुंगेली: ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने या गरीबी के कारण बच्चों को पोषण आहार नहीं दे पाते। पोषण आहार के अभाव में बच्चे कमजोर एवं कुपोषित हो जाते है। लेकिन शासकीय जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के बाद समुचित पोषण आहार मिलने से बच्चों के जीवन में बदलाव आया है।

जिले के विकासखण्ड मुंगेली के ग्राम पुरान की वंदना ने बताया कि अपनी दो वर्षीय कु. विधि को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करायी हूं। उन्होने पूछे जाने पर बताया कि यहां हलुवा, दूध, दलिया, चावल, चना, गुड़ इत्यादि पोषण आहार प्राप्त हो रहा है। इससे वे संतुष्ट है।

पोषण पुनर्वास केंद्र में ड्यूटी में तैनात कर्मचारी ने बताया कि भर्ती के समय वजन 8 किलो 500 ग्राम से बढ़कर अब 8 किलो 720 ग्राम हो गया है। इसी तरह विकासखण्ड लोरमी के ग्राम डिंडौरी से आई लता ने बताया कि अपनी एक वर्षीय बच्ची कु. राशि को पांच दिन पहले पोषण पुनर्वास केंद्र मुंगेली में भर्ती करायी हूं।

उन्होने बताया कि यहां बच्चों का प्रतिदिन वजन किया जाता है। पोषण आहार में दूध, दलिया, चना, गुड़, हलुवा, चावल सबेरे और रात्रि को दिया जाता है। उन्होने बताया कि यहां के ईलाज से संतुष्ट है। बच्ची राशि की शरीर में पहले से परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

उन्होने बताया कि घर में समय पर पोषण आहार नहीं दे पाते। पोषण पुनर्वास केंद्र में प्राप्त हो रहा है। घर की अपेक्षा यहां सभी सुविधा उपलब्ध है। विधि और राशि की मां का कहना था कि ईलाज से निश्चित रूप से दिनचर्या और जिंदगी में बदलाव आया है।

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