जन वनाधिकार सम्मेलन में उठी वनाधिकार मान्यता कानून 2006 की बात

वर्तमान सरकार और अगले चुनाव की तैयारी में लगे राजनैतिक दलों से संवाद करना है।

रायपुर :संसाधन और स्वशासन जनता की आवाज़ विषय पर दो दिवसीय जन वनाधिकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। गोंडवाना भवन, टिकरापारा रायपुर में आयोजित इस सम्मेलन के पहले दिन वनाधिकार मान्यता कानून 2006 को लेकर चर्चा की गई।

इस मौके पर आयोजकों ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य, छत्तीसगढ़ में ग्रामसभा का अपने पारंपरिक संसाधनों पर लोकतांत्रिक नियंत्रण के लिए सार्थक स्वशासन ज़ाहिर करने और वनाधिकार से वंचित लोगों की आवाज़ को बुलंद कर, वर्तमान सरकार और अगले चुनाव की तैयारी में लगे राजनैतिक दलों से संवाद करना है।

आयोजको का कहना है कि ऐतिहासिक अन्याय को सुधारने तथा भारत के वन-क्षेत्र मे लोकतांत्रिक भू-सुधार के लिए बनाये गए वनाधिकार मान्यता कानून 2006 लागू होने के बावजूद, प्रदेश में वनाधिकारों का खुला उल्लंघन जारी है. जिसमें, बड़े पैमाने पर वनाधिकारों को अमान्य करना, सामुदायिक वनाधिकारों की अनदेखी करना है ।

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