कैमिकल युक्त केला का व्यापार जोरों पर, खाद औषधि विभाग अनजान

-जागेश्वर सिन्हा

बालोद।

शहर की हर सड़क के किनारे बिक रहा केला स्वास्थ्य के लिए सेहतमंद है, ऐसा समझना आपकी भूल भी हो सकती है। यहां सप्लाई हो रहा केला केमिकल से पकाया जा रहा है। आपको बता दे कि केमिकल के उपयोग से कच्चा केला दो दिन में पका लिया जाता है। जो इन दिनों देवी मंदिरों के आसपास के दुकानों व मुख्य बस स्टॉप पर धलड़े से बिक रहा है। अगर आप केमिकल युक्त केला खरीद रहे हो तो सावधान हो जाइए नही तो आपको केले खाने की कीमत गम्भीर बीमारी से चुकानी पड़ेगी।

सेहत के लिए केमिकल से पका केला हानिकारक

केमिकल युक्त केला खाने से गंभीर बीमारी हो सकती है। इसके साथ ही केमिकल से पकाया गया केला सेहत के लिए इतने नुकसानदायक हैं कि इससे पाचन, किडनी सहित शरीर मे गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। तो वही सेहत बनाने के नाम पर अक्सर लोग चमकदार व बिना दाग-धब्बे वाले पीले केले खाते हैं। जबकि इन फलों के रंग के पीछे बैन केमिकल और मानक से ज्यादा इस्तेमाल होना मुख्य वजह है। सुबह चमकदार दिखने वाले केले का रंग शाम तक एकदम फीका हो जाए तो समझिए इसे इथेफोन केमिकल के घोल में डुबोकर पकाया गया है।

पेट-मुंह में छाले और अल्सर का खतरा

केले के एक व्यापारी ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि नवरात्र का पर्व चल रहा और सामने दिवाली भी है। ऐसे में फलों की ज्यादा मांग होती है। जिसके चलते कच्चे केला को तुरंत पकाने के लिए केमिकल का ज्यादा इस्तेमाल किया जाना बतया। वही डॉक्टरों के मुताबिक अधिक मात्रा में केमिकल के इस्तेमाल से कच्चे केले खाने से कई तरह की दिक्कतेंं हो सकती हैं। कैल्शियम कार्बाइड में आर्सेनिक और फॉस्फॉरस होता है, इससे एथिलिन ऑक्साइड गैस बनती है, जिससे फल पक जाते हैं। यह एक प्रकार का कैमिकल है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। इससे पेट खराब, उलटी, लूज मोशन, मुंह में छाले जैसी परेशानी हो सकती है।

त्यौहार में बढ़ेगी केलों की मांग

शहर में आम दिनों में केला की खपत त्योहार के दिनों में दो से तीन गुना बढ़ जाता है। तो वही जिला में आम दिनों में केला की खपत लगभग 500 कैरेट प्रतिदिन है, जो त्योहार के दिनों में दो से तीन गुना बढ़ जाती है। बालोद,गुरुर गुंडरदेही डोंडी अर्जुन्दा लोहारा में इन दिनों केमिकल से पकाया फल को कुछ ही घंटों में पकाकर बाजारों में जहर के रूप में परोसा जा रहा है।

जिस ओर खाद एवं औषधि विभाग का जरा सा ध्यान नही जिसके चलते केला के थोक डीलर धलड़े से व्यसाय कर रहे और लोगो के जान से खेल रहे हैं। इस सम्बंध में खाद औषधि विभाग के अधिकारी के नम्बर पर सम्पर्क किया गया पर बात नही हो पाई

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