छत्तीसगढ़ : ऐसा गांव जहाँ अस्सी फीसदी ग्रामीणों का राशन कार्डसूदखोरों के यहाँ गिरवी

गरीबों को शासन से मिलने वाले सस्ते रॉशन की कालाबजारी रशुकदारों की अतिरक्त कमाई का बना जरिया।

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ

रायगढ़ : जिला मुख्यालय रायगढ़ के पास कोसामनारा एक ऐसा गांव है,जहाँ गांव के 80 फीसदी गरीब वर्ग के लोगों का रॉशन कार्ड गांव के ही 8 रशुखदार परिवार के लोगों के पास ही गिरवी रखा हुआ है। इस सम्बंध में नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि गांव के आठ सूदखोर प्रवृत्ति के रसूकदार परिवार के लोग आज से नही वरण पिछले कई सालों से गांव के मजबूर गरीब परिवारों का रॉशन कार्ड अपने पास थोड़े पैसे उन्हें उधार देकर रख लेते है। फिर उनके हिस्से का सस्ता राशन वे खुद उठा लेते है। फिर उसे विभिन्न दुकानों में या फिर उन्हीं मजबूर लोगों को 15 से 20 रु किलो में चांवल को बेचते है। ग्रामीण के बताए अनुसार इस काम में पूर्व जनप्रतिनिधि सहित सात अन्य परिवार के लोग शामिल है।

पहले गिरवी रखे रॉशन कार्ड से सूदखोर परिवार के लोग खुद राशन लेने जाते थे। इस बात पर जब गांव के कुछ जागरूक लोगों ने आपत्ति जताई और प्रशासन को सूचना दी तो अधिकारी जांच के लिए गांव आ पहुंचे थे। यहां रॉशन दुकान संचालक को यह समझाइस दी गई कि बिना हितग्राही की उपस्थिति के वह राशन किसी दूसरे को न दे। हालांकि कुछ दिन की निष्क्रियता के बाद फिर यह खेल शुरू हो गया।

रॉशन कार्ड गिरवी

इस बार राशन कार्ड गिरवी रखने वाले गांव के गरीब लोग रसूकदारो की निगरानी में शासकीय रॉशन दुकान से रॉशन लेने खुद तो जाते हैं। परन्तु थोड़ी ही दूरी पर एक रु किलो में लिया गया यह चांवल सूदखोरों को या उनके लोगों को सौंप देते हैं। इस तरह शासन के सस्ते रॉशन के कालाबाजारी का खेल आज भी बदस्तूर जारी है। शासन से मिलने वाले चांवल को एक रु प्रति किलो में लेकर उसे 15 से 20 रु प्रति किलो की दर से बेचकर यह लोग अतिरिक्त कमाई करने में लगे है।

इस तरह शासन के सस्ते राशन का लाभ जरूरतमंद हितग्राहियों को मिले न मिले परन्तु मुठ्ठी भर सूदखोरों को बखूबी मिल रहा है। कुछ पीड़ित इस खेल से आजिज आ चुके है उन्होंने बाजारी का खेल पूरी तरह से रोकने का मन बना लिया है । अब प्रशासन की बारी है वो बिना पूर्व सूचना के अगर गांव के इन रसूखदारों के घर छापा मारता है तो न केवल बड़ी संख्या में उनके पास गरीबों का गिरवी रखा रॉशन कार्ड जप्त होगा बल्कि बड़ी मात्रा में सरकारी रॉशन खास कर pdf का चांवल भी जप्त होगा।

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