छत्तीसगढ़ : गरियाबंद में आमामोरा में मलेरिया जांच हेतु एक्टिव सर्विलेंस शुरू

आमामोरा में स्वास्थ्य शिविर लगाकर एवं घर-घर भम्रण कर सदीर्, बुखार, हाथ पैर दर्द पीड़ितों की जांच किया गया।

गरियाबंद : जिले के दूरस्थ पहाड़ी पर स्थित ग्राम आमामोरा में गत दिनों मलेरिया मरीजों के पाये जाने की सूचना मिलने के तत्काल बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोसमी के स्वास्थ्य टीम द्वारा दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे आमामोरा में स्वास्थ्य शिविर लगाकर एवं घर-घर भम्रण कर सदीर्, बुखार, हाथ पैर दर्द पीड़ितों की जांच किया गया।

जिस में 5 मलेरिया पाॅजेटिव मरीज

जिस में 5 मलेरिया पाॅजेटिव मरीज मिले, जिनका पूर्व से ही मलेरिया का उपचार चल रहा था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डाॅ. एन.आर.नवरत्न ने स्वयं आमामोरा पहुंचकर गांव घुम-घुम कर पीड़ित मरीजों का जांच किया एवं 2 दिवस के भीतर आमामौरा के सभी लोगों का मलेरिया जांच के लिए एक्टिव सर्विलेंस करने के निर्देश दिये।

25 अप्रैल को जिले के सभी विकासखंड में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मैनपुर के खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं मलेरिया जिला नोडल अधिकारी डाॅ. कालेश्वर नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अन्य वर्षों की अपेक्षा मलेरिया पीड़ितों की संख्या में कमी आई है। तथा मलेरिया के अधिक प्रकरणों वाले क्षेत्रों में लाॅकडाउन समाप्त होने के पश्चात् डीडीटी छिड़काव का कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा।

मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया गया

ग्राम आमामोरा एवं ओड़ पंचायत के सभी आश्रित ग्रामों मे मलेरिया की रोकथाम हेतु डीडीटी छिड़काव का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। विकासखंड गरियाबंद में विश्व मलेरिया दिवस मनाते हुए एक्टिव सर्विलेंस करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोसमी से 3 टीम गठित कर आमामोरा में 80 घरों में लक्षित जनसंख्या 535 के विरूद्व 355 ग्रामीणों का मलेरिया जांच रेपीड टेस्ट किट के द्वारा किया गया एवं 146 रक्तपट्टी बनाया गया जांच में केवल 01 नया मरीज मलेरिया पाॅजेटिव पाया गया।

पिछले जांच में पाये गये सभी मलेरिया पीड़ित उपचार से स्वास्थ्य हो चुके हैं। मलेरिया पीड़ित को तत्काल स्वास्थ्य टीम द्वारा अपने सामने ही मलेरिया की पहली खुराक खिलाया गया तथा बाकी खुराक नियमानुसार मितानिनों के निगरानी में खाने हेतु सलाह दी गई। साथ ही घर में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने का सलाह दी गई एवं मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया गया और नारा लेखन किया गया।

आमामोरा का पहुंच मार्ग 30 किलोमीटर तक कच्चा एवं अत्यंत दुर्गम है, जहां स्वास्थ्य विभाग के टीम लगातार टीकाकरण सहित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सम्पन्न करा रही है। आमामोरा में मलेरिया एक्टिव सर्वेलेंस हेतु कोसमी एवं नवागढ़ सेक्टर के  एस.आर. मरकाम सुपरवाईजर,उमेश्वर आयाम, सुपरवाईजर तथा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक ज्ञानदास मानिकपुरी, अनिल श्रीवास्तव,जयसिंह सिदार,कृष्ण कुमार पैकरा एवं निरज कन्नौजे द्वारा घर-घर पहुंचकर रैपिड टेस्ट किट के द्वारा मलेरिया जांच की गई। ओड़ और आमामोरा के सभी आश्रित ग्रामों में आगामी दिनों में मलेरिया नियंत्रण हेतु एक्टिव सर्विलेंस कार्य सतत किए जायेंगे।

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