छत्तीसगढ़

अपने 19 वें वर्ष को पूर्ण करते हुए छत्तीसगढ़ बना विकास का गढ़

विद्युत विकास के मामलें में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर लगाई लम्बी छलांग

रायपुर:विद्युत विकास के मामलें में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर लम्बी छलांग लगाते हुए और अपने 19 वें वर्ष को पूर्ण करते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत से विकास का गढ़ बना गया है।

राज्य स्थापना के समय प्रति उपभोक्ता विद्युत खपत 300 के.डब्लू.एच. थी, जो कि अब बढ़कर 1724 के.डब्लू.एच. हो गई है। विद्युत खपत में 474.67 प्रतिशत की वृद्धि इस बात को दर्शाती है कि प्रदेश के उपभोक्ता सहज और सस्ती बिजली का अधिकाधिक लाभ ले रहे हैं।

देश की स्थापित क्षमता में 12 से 13 प्रतिशत योगदान

राज्य स्थापना दिवस पर पाॅवर कंपनीज द्वारा अर्जित उपलब्धियों की जानकारी देते हुए चेयरमेन शैलेन्द्र शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का एक अकेला ऐसा राज्य है, जो कि देश की स्थापित क्षमता में 12 से 13 प्रतिशत योगदान देता है।

राज्य स्थापना के समय छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर जनरेशन कंपनी की क्षमता 1360 मेगावाॅट थी, जो कि आज बढ़कर 3424.70 मेगावाॅट हो गई है, अर्थात 2064.70 मेगावाॅट की वृद्धि की गई।

आगे शुक्ला ने जानकारी दी कि धान का कटोरा के नाम से विख्यात छत्तीसगढ़ अब ‘‘पाॅवर हब आफ इंडिया’’ और जीरो पाॅवर कट स्टेट के नाम से भी जाना जाता है। बिजली के बूते कृषि, उद्योग जगत में छत्तीसगढ़ में विकास की क्रांति आ गई है।

राज्य स्थापना के समय करीब 73 हजार विद्युतीकृत पम्पों की संख्या थी जो कि आज बढ़कर लगभग साढ़े चार लाख तक जा पहुंची है।

प्रदेश के किसान ऊर्जीकृत पम्पों से बारहों महीना फसल लेने सक्षम बन गए हैं । प्रदेश के सभी 19567 गांव विद्युतीकृत हो गए हैं। साथ ही सुदूर ग्रामीण अंचलों के लगभग 38 हजार मजरा-टोलों तक बिजली पहुंचाने में कामयाबी मिली है।

नेशनल लेबल पर छत्तीसगढ़ की गिनती

उन्होंने बताया कि प्लांट लोड फेक्टर और ट्रांसमिशन केपिसिटी के मामलों में नेशनल लेबल पर छत्तीसगढ़ की गिनती आज अग्रणी राज्यों में हो रही है। प्रदेश की ट्रांसमिषन क्षमता 8169 एमव्हीए तक जा पहुंची है, जबकि राज्य गठन के समय यह 1257 एमव्हीए थी। अर्थात 549.88 प्रतिषत की वृद्धि की गई है।

राज्य स्थापना के समय मात्र 27 अतिउच्चदाब उपकेन्द्र थे, आज पारेषण प्रणाली को उन्नत बनाने 120 अतिउच्चदाब उपकेन्द्र क्रियाशील किये गये है। रायपुर में प्रथम गैस बेस्ड सबस्टेशन की स्थापना की गई। सर्वाधिक बिजली आपूर्ति 4760 मेगावाॅट का कीर्तिमान भी चालू वित्तीय वर्ष में रचा गया है।

राज्य स्थापना के समय अधिकतम विद्युत मांग 1334 मेगावाॅट थी, जिसमें 256.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विद्युत व्यवधान के आटोमेटिक रिस्टोरेशन हेतु मध्य भारत का सबसे बड़ा स्काडा सेन्टर छत्तीसगढ़ रायपुर में स्थापित किया गया हैं।

प्रदेश में उपलब्ध भरपूर बिजली का लाभ विभिन्न श्रेणी के लगभग 57 लाख उपभोक्ताओं को देते हुये सेवा सुविधाओं में लगातार वृद्धि की जा रही है। प्रदेश इतिहास में पहली बार निम्नदाब उपभोक्ताओं के लिये ‘‘हाफ रेट पर बिजली’’ योजना आरंभ की गई है, जिसमें प्रथम 400 यूनिट बिजली खपत का भुगतान आधे दर पर करने की छूट दी गई है, इससे आम गरीबजनों के जीवन स्तर में बड़ी खुषहाली आई है।

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