छत्तीसगढ़ बजट 2021-22: समावेशी विकास से छत्तीसगढ़ को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने वाला बजट : मंत्री भेंड़िया

बच्चों, महिलाओं, तृतीय लिंग,दिव्यांगों से लेकर बुजुर्गों के लिए बजट में प्रावधान,महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान -आश्रमों और छात्रावासों के लिए महिला होमगार्ड के 22 सौ पदों की स्वीकृति

रायपुर, 01 मार्च 2021 : महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ को एक बार फिर समावेशी बजट दिया है, जिसमे सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। छत्तीसगढ़ के वार्षिक बजट 2021-22 में बच्चों, महिलाओं, तृतीय लिंग समुदायों, दिव्यांगों, बुजुर्गों से लेकर सभी वर्गो के विकास पर आधारित है।

भेंड़िया ने महिला सुरक्षा की दृष्टि से कन्या छात्रावासों और आश्रमों के लिए 22 सौ महिला होमगार्ड के नवीन पदों का सृजन, तृतीय लिंग समुदाय के लिए आश्रम सह पुनर्वास केन्द्र, रोगियों के लिए पुनर्वास केन्द्र,बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन जैसे संवेदनशील प्रावधानों को बजट में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए 3 कन्या महाविद्यालयों और 9 नवीन कन्या छात्रावास की स्थापना से महिलाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

भेंड़िया ने बताया कि तृतीय लिंग के व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए आश्रम सह पुनर्वास केन्द्र के लिए बजट में 76 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। यह देश में अपनी तरह का पहला केन्द्र होगा। इसके साथ ही मानसिक रोग से उपचारित व्यक्तियों के पुनर्वास और प्रशिक्षण के लिए रायपुर और दुर्ग में हाफ वे होम की स्थापना के लिए 3 करोड़ 13 लाख रूपये सहित बुजुर्गों की समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्प लाइन और उनके भरण पोषण के लिए 75 लाख रूपये का प्रावधान बजट में किया गया है। सभी पांच संभागीय मुख्यालयों में आदर्श पुनर्वास केन्द्र स्थापित करने के लिए 1 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।

बजट में महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रावधान

भेंड़िया ने कहा कि बजट में महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रावधान किया गया है। द्वितीय संतान के रूप में बालिका के जन्म पर राज्य सरकार 5 हजार रूपये की एकमुश्त सहायता राशि का प्रावधान किया है, इसके लिए कौशल्या मातृत्व योजना शुरू की जाएगी। इससे कन्या भू्रण हत्या में कमी आएगी और महिलाओं को गर्भावस्था के बाद स्वयं और बच्चे के पोषण और देखभाल में सहायता होगी।

बच्चों की देखरेख, सुरक्षा और संरक्षण संबंधी कार्यों के लिए एकीकृत बाल संरक्षण योजना हेतु बजट में 47 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। विशेष पोषण आहार में 732 करोड़ रूपये का प्रावधान इस वर्ष बजट में किया गया है। निराश्रितों और बुजुर्गों को मासिक पेंशन हेतु सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 343 करोड़, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 190 करोड़ और मुख्यमंत्री पेंशन योजना में 170 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

भेंडिया ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल द्वारा स्वच्छता दीदियों के मानदेय को 5 हजार रूपये से बढ़ाकर 6 हजार रूपये करने का निर्णय श्रम के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करता है। ग्रामीण श्रेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना, राज्य एवं राज्य के बाहर सी-मार्ट स्टोर की स्थापना से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को नया बाजार देने और ब्रांड की रूप में नयी पहचान स्थापित होने का फायदा हर वर्ग को मिलेगा। इसके माध्यम से वनांचलों में निवासरत आदिवासियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, लघु-उद्योगों सहित व्यापारी वर्गों को भी लाभ मिलेगा।

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