छत्तीसगढ़

राजधानी में 3 फरवरी को होगा छत्तीसगढ़ सीएसआर सम्मेलन

स्थायी विकास में सीएसआर भागीदारी पर चिंतन करने जुटेंगे लीडर्स

रायपुर। द्वितीय छत्तीसगढ़ सीएसआर लीडरशिप सम्मेलन में (सस्टेनेबल डेव्लपमेंट गोल्स) एसडीजी को हासिल करने के लिए कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की भागीदारी पर विचार मंथन होगा। राजधानी रायपुर के होटल बेबीलोन में 3 फरवरी को होनेवाली इस सभा में दूरदर्शी राजनेता, कारपोरेट लीडर, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, सीएसआर एवं मीडिया लीडर सहित विविध विषयों के वक्ता होंगे।

सम्मेलन के आयोजक इंडिया सीएसआर नेटर्वक के फाउंडर रूसेन कुमार ने बताया कि यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक सीएसआर राशि निवेश हो इसके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में भूमिका निभाएगा, जिससे कि राज्य में स्थायी विकास के लक्ष्यों (सस्टेनेबल डेव्लपमेंट गोल्स) को हासिल करने में मदद मिलेगी।

सीएसआर की भूमिका पर रूसेन कुमार ने कहा कि कंपनियां की सीएसआर परियोजनाएं स्थायी विकास के लक्ष्यों के साथ मेल खाती हैं। इसको प्रभावी बनाने और अति पिछड़े क्षेत्रों तक इसका विस्तार करने की जरूरत है। रूसेन कुमार ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में अनुकूल राजनीतिक वातावरण तथा स्थायी सरकार, स्थायी विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में अग्रणी योगदान देगा। लक्ष्यों को हासिल करने में राज्यों को अग्रणी भूमिका निभानी होगी। इसके लिए सहभागिता आवश्यक है।

प्रभावी परिसंवाद, सामाजिक विकास-सीएसआर संबंध को बढ़ावा देना, कंपनियों को सीएसआर निवेश के लिए प्रोत्साहन, सीएसआर निवेश के लिए अनुकुल वातावरण, तंत्र निर्माण में योगदान देना, अनुभवों को साझा करना, सफल सामाजिक एवं सीएसआर परियजोनाओं को सम्मानित करना आदि सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्य हैं।

रूसेन कुमार ने बताया कि सितंबर 2015 को संयुक्त राष्ट्र सस्टेनेबल डेवलपमेंट सम्मेलन में 17 सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल को अपनाया गया, जो जून 2016 से प्रभावी है तथा लक्ष्य को प्राप्त करने की अंतिम तिथि 2030 निर्धारित है। हमारे देश में निति आयोग द्वारा राज्यों द्वारा स्थायी विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में की जा रही पहलों और प्रगति की सतत निगरानी और समीक्षा की जा रही है। निति आयोग ने स्थायी विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कई क्रांतिकारी पहल और शोध परियोजनाएं स्थापित की है।

इस सभा में अधिकाधिक संख्या में कारपोरेट, सामाजिक संस्थाओं और विशेष संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल होने का आग्रह किया गया है। सभा को विभिन्न समानविचारधारा वाले विद्वानों, संस्थाओं और कारपोरेट घरानों का समर्थन प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि पहला छत्तीसगढ़ सीएसआर सम्मेलन 24 अप्रैल को रायपुर में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 9981099555 और [email protected] पर सम्पर्क किया जा सकता है।

यह हैं स्थायी विकास के 17 लक्ष्य

गरीबी के सभी रूपों की समाप्ति। भूखमरी की समाप्ति, खाद्य सुरक्षा व बेहतर पोषण और सतत कृषि को बढ़ावा। सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा। समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही सभी को सीखने का अवसर देना। लैंगिक समानता प्राप्त करने के साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त करना। सभी के लिए स्वच्छता और पानी के सतत प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना। सस्ती, विश्वसनीय, सतत और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना। सभी के लिए निरंतर समावेशी व सतत आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोजगार और बेहतर कार्य को बढ़ावा देना।

लचीले बुनियादी ढांचे, समावेशी और सतत औद्योगीकरण को बढ़ावा। देशों के बीच और भीतर असमानता को कम करना। सुरक्षित, लचीले व अच्छे शहर और मानव बस्तियों का निर्माण। स्थायी खपत और उत्पादन पैटर्न को सुनिश्चित करना। जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करना। स्थायी सतत विकास के लिए महासागरों, समुद्र और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उपयोग। सतत उपयोग को बढ़ावा देने वाले स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों, सुरक्षित जंगलों, भूमि क्षरण और जैव विविधता के बढ़ते नुकसान को रोकने का प्रयास करना। सतत विकास के लिए शांतिपूर्ण और समावेशी समितियों को बढ़ावा देने के साथ ही सभी स्तरों पर इन्हें प्रभावी, जवाबदेह बनना ताकि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित हो सके एवं सतत विकास के लिए वैश्विक भागीदारी को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्ति कार्यान्वयन के साधनों को मजबूत बनाना।

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