छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ : जैव विविधता प्रबंधन समिति के गठन से ग्रामीणों को सीधे लाभ

अब तक जिले के 143 पंचायतों में बीएमसी का गठन किया जा चुका है

रायपुर : बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा वन मण्डल द्वारा वन काष्ठागार में आज जैव विविधता प्रबंधन समिति एवं लोक जैव विविधता पंजी जगरूकता कार्यशाला आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी ग्राम पंचायतों में बीएमसी का गठन करना है।

अब तक जिले के 143 पंचायतों में बीएमसी का गठन किया जा चुका है, इसका गठन वन विभाग, मछली पालन, पशुपालन, हार्टिकल्चर, एग्रीकल्चर, जलसंसाधन विभाग एवं जिला पंचायत के संयुक्त प्रयास से किया जाता है। बीएमसी गठन से सभी पंचायतों, में रोजगार के अवसर बढ़ेगे। गाँवों में जैव विविधता प्रबंधन समिति के गठन से ग्रामीणों को सीधे लाभ पहुँचेगा। इस समिति में कुल 7 लोग होते है जिनमे 6 ग्रामीण एवं 1 परिसर रक्षक शामिल है।

बीएमसी गठन से ग्रामों में पाए जाने वाली प्रजातियां जो वन, कृषि एवं अन्य विभाग से संबंधित हो उनका समिति द्वारा क्रय एवं भुगतान किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को सीधे लाभ मिलेगा।

विधायिका ने कहा

इस कार्यशाला में दंतेवाड़ा विधायक देवती महेंद्र कर्मा एवं जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा शामिल हुईं। दंतेवाड़ा विधायक  कर्मा ने बीएमसी को जिले के विकास में नींव का पत्थर बताया। उन्होंने जिले में होने वाले कोदो, कुटकी, विभिन्न प्रकार के चावल, वनों से प्राप्त होने वाले वनोपज आदि उत्पादों के बारे में बताया। विधायिका ने कहा दंतेवाड़ा में वन विभाग द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं से ग्रामीणों को सीधे लाभ पहुँच रहा है। डीएफओ संदीप बलगा ने विभाग की अन्य योजनाओं के बारे में अवगत कराया।

इस मौके पर विधायक देवती महेंद्र कर्मा व जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा ने जय स्तम्भ में वन विभाग की संजीविनी मार्ट का शुभारंभ किया। इस मार्ट में स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा महुआ लड्डू, महुआ पाक, महुआ हलवा, ईमली कैंडी, इमली सॉस का निर्माण व विक्रय कर आर्थिक रूप से उन्नति कर रहे हैं। इस दौरान स्व सहायता समहू की महिला सदस्य मौजूद थी।

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