देश में धान की सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रही : मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बालोद जिले के सुप्रसिद्ध गौरैया मेला के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर गौरैया सिद्ध शक्तिपीठ की ओर से परम्परागत खुमरी पहनाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने गौरैया सिद्ध शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की तरक्की और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मॉगा।

मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए क्षेत्र की जनता को माघी पुन्नी की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ दो माह में ही हमारी सरकार ने जनहित के अनेक बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। प्रदेश के सोलह लाख से अधिक किसानों के छह हजार एक सौ करोड़ रूपए के अल्पकालिन कृषि ऋण माफ किया गया। किसानों द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंको से लिए गए चार हजार करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण भी माफ किया गया। इस प्रकार प्रदेश के लगभग बीस लाख किसानों के दस हजार करोड़ रूपए का कृषि ऋण माफ किया गया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि देश में धान की सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रही है। सभी राशनकार्डधारी परिवारों को 35 किलोग्राम चॉवल हर महीने देने तथा आगामी अप्रैल महीने से चार सौ यूनिट तक बिजली बिल आधा करने का निर्णय लिया गया है।

तेंदूपत्ता संग्रहण का पारिश्रमिक 2500 रूपए से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि हम सबकी प्राथमिकता है। किसानों की समृद्धि से ही समाज व देश में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि गॉवों के आसपास बहने वाले प्राकृतिक नालों को पुर्नजीवित करने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा, जिससे आसपास के खेतों को पर्याप्त पानी मिलेगा।

समारोह को गुण्डरदेही विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने भी सम्बोधित किया। लेखचंद साहेब ने क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री को प्रतिवेदन सौंपा। इस अवसर पर जिला पंचायत बालोद उपाध्यक्ष संजय चन्द्राकर, जनपद पंचायत गुण्डरदेही की अध्यक्ष भानूमति साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक कृष्णा दुबे, कलेक्टर रानू साहू, अन्य प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक मौजूद थे।

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