छत्तीसगढ़ को मिला अनाज पैदावार में सबसे अव्वल राज्य का पुरस्कार

-कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय कृषि मंत्री  राधा मोहन सिंह से प्राप्त किया पुरस्कार

नई दिल्ली/रायपुर।

छत्तीसगढ़ को देश में अनाज पैदावार में सबसे अव्वल राज्य का पुरस्कार मिला हैं। छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार पिछली अधिकतम पैदावार के मुकाबले 28.68 प्रतिशत वृध्दि के लिये दिया गया हैं।

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में एक गरिमामय समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से यह पुरस्कार प्राप्त किया। राधामोहन सिंह ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ की सराहना करते हुए यहा के कृषि क्षेत्र की प्रगति को अन्य के लिये प्रेरणादायक बताया। यह सम्मान इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा आयोजित एग्रीकल्चर समिट व अवार्ड समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर अन्य राज्यो के कृषि मंत्री भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर राज्य के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, धान की बेहतर और उच्च गुणवत्ता की किस्म पर जोर देने, मक्के की बेहतर उपज और राज्य में सिंचाई संसाधनो के त्वरित विकास से छत्तीसगढ़ को यह सफलता हासिल हुई हैं।

उन्होने बताया की राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ में अनाज का उत्पादन दोगुना और उत्पादकता ढाई गुना तक बढ़ गई हैं। उन्होने बताया की वर्ष 2003-04 से वर्ष 2013-14 के बीच छत्तीसगढ़ में चावल उत्पादन में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई हैं। जबकि इसी अवधि में चावल उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिशत की वृृध्दि दर्ज की गई हैं।

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2016-17 में छत्तीसगढ़ में खाद्यान उत्पादन 9.32 लाख टन रहा, जो पिछले पांच साल के दौरान औसत पैदावार से करीब 2 लाख टन अधिक रहा। अर्थात पिछले 5 वर्षो की औसत उपज से यह बढोतरी 26.68 प्रतिशत अधिक रही है। छत्तीसगढ़ मे कुल अनाज पैदावार मे मक्का में भी खास वृध्दि दर्ज की गयी हैं। वर्ष 2015 में राज्य में मक्के की उपज 1.6 लाख टन हुई थी जो 2016 में बढ़कर 1.89 लाख टन हो गई है।

यह बढ़ोतरी 16 प्रतिशत हैं। श्री अग्रवाल ने बताया कि, खाद्यान उत्पादन के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षो में चावल में 48 प्रतिंशत, गेहू में 148 प्रतिशत कुल अनाज में 60 प्रतिशत , दलहन में 43 प्रतिशत ,तिलहन में 158 प्रतिशत की वृध्दि हुई हैं। वर्ष 2003 में जहा हम केवल 45 हजार क्विंटल बीज उत्पादित करते थे वही आज हम लगभग 10 लाख क्विंटल बीज उत्पादित कर कृषको को वितरित कर रहे है।

प्रधानमंत्री जी की महत्वकांक्षी स्वायल हेल्थ कार्ड योजना के अंतर्गत हमने लगभग 50 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड तैयार कर कृषको को वितरित किए हैं।& उन्होने कहा कि, हमने कृषको को शुन्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की हैं और हम प्रति वर्ष लगभग 4 हजार करोड रूपये ऋण बीना ब्याज के कृषको को उपलब्ध करा रहे हैं। कृषको को उनके उपज का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रदेश की 14 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई- नाम पोर्टल) से जोड दिया हैं। इस पोर्टल के माध्य से प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रूपये के कृषि उपज का क्रय-विक्रय हो रहा हैं। उन्होने बताया कि, दन्तेवाडा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में 174 स्वसहायता समुह कड़कनाथ मुर्गी पालन का कार्य कर रहे हैं।

ये कड़कनाथ मुर्गी स्थानीय बाजार एवं हैदराबाद में विक्रय की जा रही है। पिछले छः माह में इन समुहो ने लगभग 52 लाख रूपये की मुर्गी विक्रय की है। राज्य के कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के कार्यो को राष्ट्रीय स्तर सराहा गया हैं। हमने कृषि , पशुपालन, मस्यपालन एवं बागवानी में अभिनव प्रयोग कर किसानो को लाभ पहुचाया है।

बृजमोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय 2022 तक दुगना करने का लक्ष्य दिया है, इस लक्ष्य को शीघ्रता से प्राप्त करने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं।

हम गांव गरीब और किसानों को के विकास के लिये हमारी सरकार पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मिला यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ के अथक परिश्रमी अन्नदाता किसानों का सम्मान है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग सचिव अनुप श्रीवास्तव और संचालक कृषि एम.एस. केरकेट्टा उपस्थित थे।

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