छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह रोकथाम हेतु निर्देश

बलरामपुर : छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर द्वारा बाल विवाह रोकथाम की कार्यवाही हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त हुये हैं। बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं अपितु कानूनन अपराध है। जिले मे बाल विवाह रोकने हेतु कलेक्टर संजीव कुमार झा ने पुलिस अधीक्षक,

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, सर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया है कि क्षेत्र में ऐसे जातियों को चिन्हांकित करें, जिनमें बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त होते हैं।

ग्राम पंचायतों में विवाह पंजी संधारित करने तथा विवाह का पंजीयन कराना सुनिश्चित करने को कहा है। ग्राम सभाओं में बाल विवाह के रोकथाम के उपाय, महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, शिशुओं में कुपोषण,मातृ/शिशु मृत्यु दर में वृद्धि एवं समस्त जानकारी दी जाए।

पंचायत एवं विकासखण्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों का गठन किया जाए, बाल विवाह रोेकथाम हेतु जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार, नारा लेखन, पम्पलेट का वितरण, शालाओं एवं आंगनबाड़ी के बच्चों द्वारा बाल विवाह के रोकथाम रैली तथा शालाओं में वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाए। बाल विवाह के रोकथाम के लिए सूचना तंत्र का प्रभावी होना अत्यंत आवश्यक है,

जिसके द्वारा बाल विवाह की सूचना संबंधित अधिकारियों को तत्काल पहुंचायी जा सके। पुलिस अधीक्षक समस्त थाना/चैकी प्रभारी को निर्देशित करें कि थाना अन्तर्गत क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना मिलने पर रोकथाम हेतु उचित कार्यवाही करें। जिले के समस्त क्षेत्रों में महिला स्व सहायता समूह गठित है। इन समूहों को बाल विवाह रोकथाम में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा जावे।

अक्षय तृतीया 07 मई 2019 को है। इस अवसर पर बाल विवाह की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों सजग रहने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम के संबंध में की गई कार्यवाही एवं रोके गये बाल विवाहों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने तथा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है।

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