राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वावलंबी गांवों के सपनों को साकार करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है छत्तीसगढ़ : भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया पशुओं के रोका-छेका अभियान का वर्चुअल शुभारंभ

ब्यूरोहेड आलोक मिश्रा

  • किसानों से की अपील: एक जुलाई से सभीे गांवों में शुरू करें रोका-छेका
  • ग्राम केशली के महिला स्व सहायता समूहों के कार्यो को सराहा
  • गौठानों के प्रबंधन के लिए 24.41 करोड़ रूपए की सहायता देने की घोषणा
  • प्रदेश के 5820 सक्रिय गौठानों के संधारण के लिए 40 हजार रूपए प्रति गौठान के मान से कुल 23.28 करोड़ रूपए की सहायता
  • 1135 स्वावलंबी गौठानों को 10 हजार रूपए प्रति गौठान के मान से 1.13 करोड़ रूपए की सहायता

बलौदाबाजार,01 जुलाई 2021 : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वावलंबी गांवों के सपनों को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के तहत गौठानों में संचालित विभिन्न आर्थिक गतिविधियों जैसे महिला स्व सहायता समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन,बाडि़यों में सब्जियों के उत्पादन सहित अन्य आर्थिक गतिविधियों से महिलाएं और ग्रामवासियों को रोजगार के साथ आमदनी का जरिया मिला है और वे स्वावलंबन की ओर बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से सिमगा विकासखण्ड के ग्राम केशली के गौठान में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल होकर जिला स्तरीय रोका छेका अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गांवों में बैठक कर रोका-छेका अभियान के लिए चरवाहों को पशुओं को एक जगह रोकने और उन्हें गौठान मे एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जाए। सभी गांवों में एक साथ रोका-छेका किया जाए, जिससे फसलों को नुकसान नहीं हो।

मुख्यमंत्री ने कहा

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गौठानों के प्रबंधन के लिए राज्य सरकार वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गौठानों को 24 करोड़ 41 लाख 50 हजार रूपए की सहायता देने की घोषणा की। इस राशि में से मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 5820 सक्रिय गौठानों के संधारण के लिए 40 हजार रूपए प्रति गौठान के मान से कुल 23 करोड़ 28 लाख रूपए की सहायता देने तथा प्रदेश के 1135 स्वावलंबी गौठानों को 10 हजार रूपए प्रति गौठान के मान से एक करोड़ 13 लाख 50 हजार रूपए की राशि देने की घोषणा की।

प्रदेश के स्वावलंबी गौठान वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट के उत्पादन तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों से होने वाली आय से स्वयं गोबर खरीदकर वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन स्व सहायता समूहों के माध्यम से कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्वावलंबी गौठानों की समिति और ग्रामवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने गौठान में उपस्थित गौठान समिति के प्रतिनिधियों, सरपंचों,स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और ग्रामीणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर गौठानों की गतिविधियों की जानकारी ली।

समूह की गतिविधियों की तारीफ मुख्यमंत्री बघेल ने गौठान के माध्यम से संचालित ग्राम केशली के विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों के कार्यो को सराहा। उन्होंने महिला समूह के सदस्यों से चर्चा करते उनके कार्यो से अवगत हुए। महिला समूहों के प्रतिनिधि के रूप में देशना भवसर ने मुख्यमंत्री को बताया कि गाँव में कुल 11 महिला समूह कार्यरत है। समूह की महिला स्वरोजगार हेतु महानदी वनिता शेड में ही प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वालंबन की तरफ बढ़ रहे है।

स्वयं ज्योति महिला स्व सहायता समूह

उन्होंने आगें कहा की मैं स्वयं ज्योति महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी हूं। हमारे समूह में कुल 10 महिला है जो कि कपड़े के स्कूल बैग बनाने का कार्य करतें है। इससे लगभग 16 हजार की आमदनी प्राप्त हो चुकी है। गाँव में जय महामाया समूह गौठान में वर्मी कंपोस्ट का कार्य कर रही है। इस समूह द्वारा 630 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का निर्माण सहित पैकेजिंग कर उन्हें सोसायटी में विक्रय कर चुकें है। स्व सहायता समूह को इससे लगभग 6 लाख 30 हजार रुपये की आमदनी प्राप्ति होगी।

उन्होंने आगें बताया कि अभी हमें 24 हजार रुपये का लाभांश समूह को मिल चुका है। एवं दो दिनों पूर्व सोसायटी से 20 हजार रुपये की राशि चेक के माध्यम से प्राप्त हुई है जिसे बैंक में जमा कर दी गयी है। इसी तरह एक अन्य महिला समूह गौठान में बाड़ी,निरमा एवं साबुन का बनाने का कार्य रहीं है। जिलें में सभी उत्पादों को एकरूपता प्रदान करनें महानदी ब्रांड के नाम से उत्पादों से बेचा जाता है। गाँव के सरपंच वीणा वर्मा ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि आज से हमारे गांव में रोका छेका की शुरुआत कर दी गयी है।

गांव के सभी मवेशियों को गौठान में रखने की पूरी व्यवस्था कर ली गयी है। ताकि गाय फसलों को नुकसान ना पहुचायें। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के कार्यो का प्रशंसा करते हुए गौधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर को खरीदने एवं रोका छेका जैसे पुरानी परंपराओं को पुनः जीवित करनें के लिए आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम

इस दौरान छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी,जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सरिता ठाकुर, पूर्व विधायक जनक राम वर्मा, कलेक्टर सुनील कुमार जैन,जिला पंचायत सीईओ डॉ फरिहा आलम सिद्की,अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर जिला खनिज न्यास सदस्य सुनील महेश्वरी,पूर्व जिला पंचायत सदस्य सीमा वर्मा,सहित बड़ी सँख्या में जनप्रतिनिधि,चरवाहा,किसान बंधु ग्रामीणों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि फसलों को खुले में चरने वाले पशुओं से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के लिए रोका-छेका अभियान बहुत महत्वपूर्ण हैं। आज से पूरे प्रदेश में एक साथ रोका-छेका अभियान का संचालन कर पशुपालक अपने पशुओं को खुले में चराई के लिए छोड़ने के बजाय उन्हें गौठानों में भेजें, जहां चारे-पानी का प्रबंध किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में अच्छी बारिश हुई है,फसलों की बुआई और थरहा लगाने का काम तेजी से शुरू हो गया है। पिछले वर्ष रोका-छेका अभियान के अच्छे परिणाम सामने आए। रोपाई का काम समय से पूरा हुआ और पशुओं से फसलों को बचाने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष रिकार्ड 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई। इस उपलब्धि में राज्य शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं के साथ-साथ रोका-छेका अभियान का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

छत्तीसगढ़ में खेती के प्रति लोगों का रूझान बढ़ रहा

यह एक शुभ संकेत है कि छत्तीसगढ़ में खेती के प्रति लोगों का रूझान बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने ग्रामीणों से कहा कि वे गांवों के गौठानों में नेपियर घास लगाएं, जिससे पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था हो सके। पशुओं के चारे के लिए मक्का चारा का भी उपयोग करना चाहिए। मवेशियों को हरा चारा मिलेगा, तो वे इधर-उधर नही जाएंगे। गौठानों में मवेशियों के लिए चारा, पानी और छांव की व्यवस्था कर दें। उन्होंने कहा कि दुधारू पशुओं को हरा चारा मिलने से उनका दूध बढ़ेगा। पैरा से केवल पेट भरता है। पशुओं को गौठानों में रखने से खेतों की फसलों को बचाने के लिए घेरा करने में होने वाले खर्च की बचत होगी।

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