छत्तीसगढ़/ लॉकडाउन में फंसे दिव्यांगों को मिला सुरक्षित बसेरा

छत्तीसगढ़ सरकार लोगों के रहने, खाने का पूरा प्रबंध कर रही है।

रायपुर : कोरोना वायरस Covid-19 के संक्रमण को रोकने के लिए पुरे देश में 21 दिनों का लॉक डाउन किया गया है, पूरे देश में लागू लाॅकडाउन से कई छोटे-बडे़ संस्थानों में काम बंद है। आवागमन की सुविधा भी बंद होने से कई लोग काम बंद होने के बाद भी अपने स्थाई निवास नहीं लौट सके हैं। ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार लोगों के रहने, खाने का पूरा प्रबंध कर रही है।

लाॅकडाउन में भटक रहे ऐसे ही दिव्यांग बेमेतरा के भूषण निषाद, धमतरी के बलराम साहू, बलौदाबाजार के विनय यादव और तिलक निषाद, महासमुंद के छत्तर साहू की सूचना मिलने पर सुरक्षित बसेरा और भोजन की व्यवस्था राज्य शासन ने कर दी है। अब वे बेहद खुश हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में ध्यान रखने और आश्रय देने के लिए शासन को धन्यवाद दिया है।

टोल फ्री नम्बर 104

टोल फ्री नम्बर 104 पर 29 मार्च को कुशालपुर रायपुर से भूषण ने फोन कर बताया कि हम लोग लाॅकडाउन में फंसे हुए है हमें निवास और भोजन की समस्या हो रही है। इसे देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने तुरन्त हितग्राहियों को नजदीकी जन सामथ्र्य कल्याण संस्था में आश्रय प्रदान करते हुए उनकी भोजन की व्यवस्था की।

बौनेपन से ग्रसित विनय और अस्थि बाधित छत्तर राजधानी के टपरी कैफे और अस्थि बाधित तिलक और  भूषण वास कैफे में काम करते है। दृष्टि बाधित बलराम साहू एल.ई.डी. लाईट बनाने वाली कम्पनी में काम करते है।

लाॅकडाउन होने पर इनके कार्य क्षेत्र भी प्रभावित हुए और मालिकों ने सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कह दिया। लेकिन तब तक यातायात के सभी संसाधन प्रभावित होने से दिव्यांगजन अपने मूल स्थान पर नहीं लौट पाये और आश्रय ढूंढने लगे। इसी बीच सभी दिव्यांग आश्रय ढूंढते हुए कुशालपुर पहुंचे।

 

कुशालपुर में दिव्यांगजन हेतु सामर्थ्य कल्याण समिति का बोर्ड देखकर श्री भूषण ने टोल फ्री नम्बर 104 पर फोन किया। इससे उन्हें राज्य सरकार से तुरन्त मदद मिल गई।

अपने घर ना पहुंच पाने से घबराए दिव्यांगजन को आश्वस्थ किया गया कि विभाग द्वारा उनके भोजन की व्यवस्था प्रतिदिन की जाएगी। साथ ही जन सामथ्र्य कल्याण संस्था के संचालक राकेश सिंह ठाकुर से दिव्यांगजनों को उचित संरक्षण प्रदान करने के लिए कहा गया जिससे उन्हें लाॅकडाउन में किसी तरह की समस्या का सामना ना करना पडे़। संस्था में दिव्यांगजन के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है।

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