छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: भूपेश मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण न‍िर्णय, पीएचई का टेंडर निरस्त

छत्तीसगढ़ कृषि उपज संशोधन विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई है।

रायपुर, 26 अक्टूबर । छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में सोमवार को उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सरकार ने पीएचई का टेंडर निरस्त कर दिया और केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ कृषि उपज संशोधन विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई है।

बैठक में औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमति दी गई। इसमें राज्य के वनोपज, हर्बल तथा वन पर आधारित अन्य उत्पादों का प्रसंस्करण, खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्माण और मूल्य संवर्धन के कार्य राज्य में ही किए जाने को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज (वनांचल उद्योग पैकेज) का अनुमोदन किया गया।

जिसके तहत लघु उद्योगों को औद्योगिक नीति 2019-24 के प्रावधान में पूर्व से घोषित आर्थिक निवेश प्रोत्साहन के अतिरिक्त स्थायी पूंजी निवेश अनुदान उत्पादन में आने के उपरांत उद्योगों को मान्य स्थायी पूंजी निवेश पर अनुदान के रूप में विशेषकर पिछड़े क्षेत्र विकासखण्डों जिसमें ‘स’ श्रेणी के विकासखण्डों में कुल निवेश का 40 प्रतिशत 5 वर्षो में अधिकतम 40 लाख रुपये प्रतिवर्ष तथा ‘द’ श्रेणी के विकासखण्डों में कुल निवेश का 50 प्रतिशत 5 वर्षो में अधिकतम 50 लाख रुपये प्रतिवर्ष पात्रतानुसार देय होगा।

विशेष पैकेज के लिए लघु उद्योगों के द्वारा प्लांट एवं मशीनरी के अंतर्गत न्यूनतम 50 लाख तथा अधिकतम 5 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना आवश्यक होगा। बैठक में छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसमें उद्योग विभाग द्वारा संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत उप केन्द्रों की स्थापना हेतु न्यूनतम आवश्यक भूमि का आबंटन एक रुपये प्रतीकात्मक प्रीमियम राशि (टोकन मनी) पर बिना किसी लीज रेंट, सिक्यूरिटी डिपॉजिट के भूमि का आबंटन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसमें औद्योगिक भूमि, भवन, शेड, प्रकोष्ठ एवं लैण्ड बैंक से आबंटित भूमि का आबंटन पश्चात नियमन एवं प्रबंधन की कंडिका में संशोधन किया गया।छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 के अंतर्गत भूमि आबंटन प्राप्त करने वाले उद्योगों को नियमों में संशोधन करते हुए कोविड-19 एवं आर्थिक मंदी को ध्यान में रखते हुए जो प्रस्तावित उद्योग स्थापित नहीं हो सके हैं, उनके लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2012 में राज्य के ग्रामीण अंचलों के त्वरित एवं सर्वांगींण विकास की पूर्ति के लिए वर्तमान में विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए गठित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वर्ष 2013-14 के क्रियान्वयन के संबंध में प्रदेश में नशा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान हेतु छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिंनी योजना) को समाज कल्याण विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया।ह‍िन्‍दुस्‍थान समाचार/गेवेन्‍द्र

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button