स्थानीय टैलेंट, स्थानीय युवा और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से तैयार हुआ विकास का छत्तीसगढ़ मॉडल : सीएम भूपेश बघेल

जिले के आमजनों ने भी उत्साहपूर्वक सुनी मुख्यमंत्री की मासिक रेडियोवार्ता ‘‘लोकवाणी‘‘

बालोद, 10 अक्टूबर 2021 : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि स्थानीय टैलेंट, स्थानीय युवा और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से हम विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल को और ज्यादा विस्तार देंगे। इससे छत्तीसगढ़ का हर क्षेत्र समृद्ध और खुशहाल होगा। मुख्यमंत्री  बघेल आज प्रसारित मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की 22 वीं कड़ी में जनता से ‘जिला स्तर पर विशेष रणनीति से विकास की नई राह‘ विषय पर बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डीएमएफ एवं मनरेगा से इसमें काफी मदद की जा सकती है। मुख्यमंत्री की मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी कार्यक्रम को जिले के आमजनों ने भी उत्साहपूर्वक सुनी।

मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ी भाषा में अपने उद्बोधन की शुरूआत करते हुए प्रदेशवासियों को नवरात्रि, दशहरा, करवा चौथ, देवारी, गौरा-गौरी पूजा, मातर, गोवर्धन पूजा, छठ पर्व, भाई-दूज आदि त्यौहारों की शुभकामनाएं दीं। उन्होंनेे राज्य सरकार की नरवा योजना के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि नरवा योजना के तहत प्रदेश के 30 हजार नालों में जल संरक्षण और संवर्धन का कार्य करने की शुरूआत की गई है। जिससे किसानों को पानी की चिंता से छुटकारा मिले।

छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूह

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाएं गए हैं। तीजा-पोरा के अवसर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा महिला कोष से लिए गए लगभग 13 करोड़ रूपए के कालातीत ऋण माफ किया गया। महिला कोष से महिला समूहों को दी जाने वाली राशि दो करोड़ रूपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रूपए कर दी गई है और ऋण सीमा को एक लाख से बढ़ाकर 02 लाख कर दिया गया है।

जिले के बालोद विाकसखण्ड के ग्राम बघमरा की गायत्री पटेल ने मुख्यमंत्री की मासिक रेडियावार्ता ‘‘लोकवाणी‘‘ कार्यक्रम सुनकर कहा कि शासन द्वारा स्वसहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय है। ग्राम बघमरा के ही निर्मल पटेल ने शासन की सुराजी गॉव योजना के तहत नरवा विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इससे सिंचाई की सुविधा में वृद्धि हुई है।

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