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छत्तीसगढ़ को मनरेगा में मिला 7 पुरस्कार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए प्रदेश का चयन केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सात पुरस्कारों के लिए किया गया है।

इनमें मनरेगा के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए राज्यों को दिए जाने वाले तीन, जिलों और विकासखंडों को दिए जाने वाले एक-एक और ग्राम पंचायतों के लिए दो पुरस्कार शामिल हैं।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने मनरेगा में लगातार अच्छे कार्यों के लिए पूर्व विभागीय अपर मुख्य सचिव एवं वर्तमान मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, प्रमुख सचिव सुब्रत साहू और मनरेगा आयुक्त टी.सी. महावर सहित इसके क्रियान्वयन मे लगे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई दी है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले इन पुरस्कारों में जगह बनाने के लिए मुंगेली के कलेक्टर और जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, पामगढ़ जनपद पंचायत में मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी सौरभ शुक्ला तथा ग्राम पंचायत पोड़ी की सरपंच श्रीमती प्रेमा बाई और धोतीमटोला की सरपंच विद्या रावते को खासतौर पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर 19 दिसम्बर को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ को ये पुरस्कार प्रदान करेंगे।

प्रदेश को मनरेगा के तहत जियो-मनरेगा इनीशिएटिव्ह के क्रियान्वयन में देशभर में दूसरा, कार्यपूर्णता में दूसरा और सुशासन इनीशिएटिव्ह के क्रियान्वयन में दूसरा स्थान मिला है। जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुंगेली का चयन किया गया है।

जियो-मनरेगा इनीशिएटिव्ह के तहत जी.आई.एस. संपत्ति पर्यवेक्षण क्रियान्वयन में जांजगीर-चांपा जिले का पामगढ़ विकासखंड देशभर में दूसरे स्थान पर है। वाटर हार्वेस्टिंग हेतु संरचना निर्माण के लिए कोरिया जिले के पोड़ी ग्राम पंचायत (विकासखंड सोनहत) को देशभर में दूसरा तथा मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन में उत्कृष्टता के लिए बालोद जिले के धोतीमटोला (विकासखंड डौंडी) को तीसरा स्थान मिला है।

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