राधा सागर तालाब का अस्तित्व खतरे में

समय रहते ध्यान नही दिया गया तो स्थिति हो सकती है और भी भयानक

नवीन गोयल (क्लिपर 28 डिजिटल मीडिया कटघोरा शहर ब्यूरो प्रमुख)
कटघोरा: कटघोरा नगर की गंगा कही जाने वाली एक मात्र राधासागर तालाब का वर्तमान अस्तित्व खतरे में पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है जिस गति से तालाब को लोगो के द्वारा गंदा(प्रदूषित) किया जा रहा है वो किसी से छुपा नही है समुचित देखरेख के अभाव में तालाब अपनी नैसर्गिग सुंदरता को खोते जा रहा है,संबंधित विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा लगातार अनदेखी करने के कारण ही तालाब को भारी नुकसान पहुंच रहा है

जबकि वहां पर काफी तादात में लोग सुबह और शाम को सैर सपाटे करते हुए देखे जा सकते है परंतु कुछ असामाजिक तत्व के लोग उस पवित्र स्थल को अपनी मौज मस्ती करने का ऐशगाह बना लिए है जहां पर वे बेख़ौफ़ अनैतिक कार्यो को बेधड़क अंजाम देते आ रहे है ऐसा भी नही है,कि स्थानीय संबंधित पुलिस थाने के नुमाइंदों को इसकी जानकारी नही है बीच बीच मे शिकायत होने पर कुछ थाना स्टाफ वहां पर ताक झांक कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लिया करते है,

राधा सागर तालाब का अस्तित्व खतरे में

यह तालाब काफी पुराना है आम लोगो की निस्तारी के लिए इस राधासागर तालाब को मुक्त रखा गया है जबकि इस तालाब में मत्स्याखेट पे पूर्णतः प्रतिबंध लगा हुआ है ,बावजूद लोग वहां पे खुलेआम बेधड़क मछली मारते देखे जा सकते है,गायत्री परिवार के कुछ ऊर्जावान सदस्यों के द्वारा तालाब पार के किनारे किनारे चारों ओर फलदार और छायादार पौधे भी लगाए गए थे, उसकी सुरक्षा के लिए उनके द्वरा ट्रीगार्ड भी लगाया गया था,

राधा सागर तालाब का अस्तित्व खतरे में

परंतु कुछ बदमाश किस्म के लोग उसको भी क्षतिग्रस्त कर दिए है अभी वर्तमान में तालाब के अंदर व बाहर परिसर में भी जबरदस्त गंदगी पसरी हुई है जिसकी सफाई की भी नितांत आवश्यकता है नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के द्वारा भी यदि सप्ताह में नियमित रूप से झाड़ू भी लगाया जाए तो हद तक गंदगी कम हो सकती है,बीच बीच मे कुछ सामाजिक संगठनों व स्थानीय लोगो के द्वारा सफाई अभियान चलाकर तालाब की नियमित सफाई की जाती रही थी

जिसका सतोष जनक परिणाम यह था की तालाब हद तक साफ भी हुआ था परंतु लोगो के द्वारा उस तालाब को गंदा करने में कोई कोर कसर नही छोड़ा गया और वो प्रक्रिया सतत जारी भी है और इस तालाब को गंदा करने के पीछे भी आप हम ही है एक वर्ष पूर्व तालाब का सौंदर्यीकरण के तहत तालाब का जीर्णोद्धार भी कराया गया था परंतु समुचित देखरेख के अभाव में घटिया निर्माण कार्य होने के कारण लोगो में जमकर नाराजगी भी देखी गई संबंधित विभाग और ठेकेदार के द्वारा मनमाने ढंग से कार्य कराने के कारण सीसी रोड के परखच्चे उड़ गए है साथ ही पूरा का पूरा रॉड बीच से दो भागों में बंट गया है मतलब बड़ी बड़ी दरारें आ गई है और रोड की पूरी गिट्टियाँ बाहर आ गई है

राधा सागर तालाब का अस्तित्व खतरे में

और चारों तरफ घेरा बनाया गया है उसकी छड़ भी बाहर आ गई है प्लास्टर भी उखड़ गया है अभी भी अगर समय रहते उस तालाब को संवारा नही गया तो दिन दूर नही की तालाब की स्थिति और भी भयानक हो सकती है जरूरत है मजबूत इक्षा शक्ति की और प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को ध्यान देने की जिससे राधासागर तालाब अपने पूर्व स्वरूप में आ जाये..

राधा सागर तालाब का अस्तित्व खतरे में

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