छत्‍तीसगढ़ में अब योजना नई हो या पुरानी, वित्त विभाग से दोबारा अनुमति आवश्‍यक

रायपुर।

राज्य में सरकार बदलने के बाद ऐसे पुराने कामों पर रोक लग गई है जिन्हें पुरानी सरकार में शुरू नहीं किया जा सका था। कुछ ऐसे काम भी अटक गए हैं जिन्हें किया जाना जरूरी है। ऐसे कामों के लिए सरकार ने निर्देश जारी किया है कि वित्त विभाग के पास दोबारा प्रस्ताव भेजा जाए। जो जरूरी होगा उसे अनुमति मिल जाएगी।

दरअसल राज्य में सरकार बदलने के बाद 22 दिसंबर से ही सभी कामों पर रोक लग गई है। राज्य वित्त पोषित योजनाओं का भुगतान पूरी तरह रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 दिसंबर को शपथ ली और उसके पांच दिन बाद उनके आदेशों पर अमल शुरू हो पाया।

22 दिसंबर को ही नान घोटाले की दोबारा जांच के लिए अनिल टुटेजा द्वारा दिया गया प्रतिवेदन भी एसीबी को भेजा गया था। इसी दिन दूसरे आदेश भी जारी किए गए। अब पुरानी सभी योजनाओं पर रोक से कई ऐसे काम भी प्रभावित हुए हैं जिन्हें रूटीन में किया जाता है।

ऐसे कामों के लिए भी दोबारा फाइल चलाई जा रही है। वित्त विभाग से ओके मिलने के बाद ही काम दोबारा शुरू हो पा रहा है। यहां तक की विभागों के लिए जरूरी सामग्री का क्रय भी अनुमति लेने के बाद ही किया जा सकता है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अत्यावश्यक सामग्री को छोड़कर शेष सामग्री का क्रय न किया जाए।

वित्तीय अनुशासन के लिए जारी किए गए निर्देश

वित्त विभाग ने कहा है कि राज्य शासन ने शासकीय व्यय में अनियमितता बरतने के लिए फिर से वित्तीय अनुशासन के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इस निर्देश के तहत राज्य बजट से वित्त पोषित सभी अप्रारंभ कामों को वित्त विभाग की फिर से अनुमति के बाद ही शुरू किया जा सकेगा।

केंद्र पोषित योजनाओं पर असर नहीं

वित्तीय अनियमितता के लिए जारी निर्देशों का असर केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त योजनाओं पर नहीं पड़ेगा। केंद्र पोषित, प्रायोजित एवं विशेष केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं को इन निर्देशों से पूरी तरह छूट दी गई है।

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