जनघोषणा पत्र में सरकार के वादे को लेकर छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ का राजधानी में प्रदर्शन…प्रदर्शन स्थल में बिजली की कटौती से नाराज महासंघ…दी उग्र आन्दोलन की चेतावनी..

रायपुर में 36 घण्टे के लिए 36 चयनित क्रांतिकारी अनियमित कर्मचारी नियमित भर्ती में अनियमित कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए नियमितीकरण किये जाने की मांग को लेकर यह धरना दिया जा रहा है,

रायपुर : राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना प्रदर्शन स्थल पर छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ द्वारा दो दिवसीय (17 सितम्बर 2021 से 18 सितम्बर 2021 तक) भूखे प्यासे धरना दे रहे है रायपुर में 36 घण्टे के लिए 36 चयनित क्रांतिकारी अनियमित कर्मचारी नियमित भर्ती में अनियमित कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए नियमितीकरण किये जाने की मांग को लेकर यह धरना दिया जा रहा है,

छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ का आरोप है कि :-

रायपुर नगर निगम व प्रशासन द्वारा उनके दो दिवसीय धरना प्रदर्शन जो आज रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना प्रदर्शन स्थल पर किया जा रहा है हम रायपुर में 36 घण्टे के लिए 36 चयनित क्रांतिकारी अपनी मांगों को लेकर बिना भोजन,पानी के आमरण अनशन पर है वहीँ दूसरी तरफ हमें समय पर बिजली की सुविधा नहीं दी गई..हमें सुबह 11 बजे बिजली न देकर दोपहर दो बजे के बाद बिजली दिया गया जिससे हमारा कार्यकर्म देरी से शुरू हुआ, और अभी शाम से फिर बिजली काट दी गई है जिसके कारण हमें लग रहा है

कि शासन प्रशासन द्वारा हमारी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है..वहीँ  छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ ने कहा कि हम इस क्षेत्र से सम्बंधित पुलिस थाने जाकर अपनी समस्या रखेंगे और जल्द ही विद्युत (बिजली) की जो समस्या उत्पन्न हुई है उसे दुरुस्त करने..अन्यथा छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ उग्र आन्दोलन करेगा…

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ मांग जिसके लिए कर रहे दो दिनों का आमरण अनशन

1000 दिन हुए सरकार बने, अनियमित कर्मचारियों से किये गए जनघोषणा पत्र में सरकार बनते ही पहले 10 दिन में नियमितीकरण के वायदे को भूल रही सरकार।

प्रदेश के अनियमित कर्मी का 36 घण्टे के वादा के सूरता आंदोलन का हुआ आगाज

कार्यक्रम प्रभारी एवं प्रांतीय सचिव सह जिला अध्यक्ष मुंगेली श्रीकांत लास्कर ने बताया कि 17 सितम्बर 2021 से 18 सितम्बर 2021 तक रायपुर में 36 घण्टे के लिए 36 चयनित क्रांतिकारी अनियमित कर्मचारी नियमित भर्ती में अनियमित कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए नियमितीकरण किये जाने, जन घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 11 और 30 के तहत नियमित करने संविदा वेतन वृद्धि तथा 2018 से अभी तक छटनी किये गए अभी तक करी 10 हज़ार अनियमित कर्मियों के बहाली की जायज मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए है जिसमे प्रमुख पदाधिकारी सम्मिलित है। यदि इन्हें कुछ भी होता है तो इसकी सारी जवाबदारी वर्तमान कांग्रेस पार्टी के भूपेश सरकार की होगी।

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इसी क्रम में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष दंतेवाड़ा एवं कार्य्रकम प्रबंधक सूरज सिंह ठाकुर ने वक्तव्य दिया, प्रदेश सरकार जिस तरीके से अनियमित कर्मचारियों से किये गए चुनावी वादा दो को दरकिनार कर रही है,नियमित भर्तियां निकाल रही है और उन भर्तियों में अनियमित कर्मियों के नियमतिकरण के लिए कोई प्रावधान नही बना रही है, नियमितीकरण हेतु गठित समिति की विगत 20 महीनों से कोई बैठक तक नही हुई है इत्यादि ज्वलंत मुद्दे को लेकर प्रदेश के 90 से अधिक अनियमित कर्मचारियों के संगठनों ने छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले और महासंघ के आह्वाहन पर 2 दिवसीय हड़ताल आरम्भ कर दिया गया है|

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प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले, प्रदेश संयोजक अनिल देवांगन एवं सचिव श्रीकांत लस्कर का संयुक्त बयान आया है कि छत्तीसगढ़ के अलग – अलग विभाग जैसे – स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत् विभाग, सहकारिता, एवं कनिष्ठ बस्तर बोर्ड के अंतर्गत लगभग 20,000 नियमित पदों में भर्ती विज्ञप्ति जारी किया जा रहा है। हालाँकि इनमे से कुछ विभागों में भर्ती की जानकारी कुछ दिन पहले ही प्राप्त हो गई थी।

वही मुख्यमंत्री ने उक्त पदों में बहुत जल्द भर्ती प्रक्रिया जारी करने की बात कही है जिस पर प्रशासनिक विभागीय कार्यलयों द्वारा विज्ञप्ति हेतु निर्देश निरंतर कार्यालयों में प्रेषित की जा रही है,जबकि कांग्रेस जन घोषणा में स्पष्ट है कि अनियमित संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को रिक्त पदों में नियमित करने की कार्यवाही की जावेगी एवम किसी की भी छटनी नही की जाएगी। लेकिन ठीक जन घोषणा के विपरीत हो रहा है सीधी भर्ती होने के कारण बहुत से अनियमित कर्मचारी नियमितीकरण से वंचित होंगे और तो और नौकरियों से बाहर (छटनी होने) की स्थिति निर्मित हो जाएगी।

पूर्व प्रदेश संयोजक गोपाल प्रसाद साहू, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश गजेंद्र, टीकम चन्द कौशिक एवं तारकेश्वर साहू ने कहा कि,अनियमित कर्मचारी कम वेतन में भी नियमितीकरण के लिये आश लगाए 20-25 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे है। जिसमे से प्रमुख मांगे समस्त सीधी भर्ती में सर्वप्रथम अनियमित कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए रिक्त पदों में समायोजित कर नियमित किया जावे,

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अनियमित कर्मचारियों के वेतन विसंगति को दूर करते हुए प्रत्येक 6 माह में समस्त अनियमित कर्मचारियों को नियमित कर्मकरियो के अनुरूप वेतन वृद्धि किया जावे व प्रत्येक 2 वर्षों में जो संविदा पुनरीक्षित वेतनमान 01 जुलाई 2021भी लम्बित है आदेश प्रसारित किया जावे। तथा विभागों में हो रही योजना परियोजना एवं अन्य कारणों से कर्मचारियों की छटनी (सेवा से पृथक) करने की कार्यवाही जारी है उस पर तत्काल रोक लगाई जावे।

महिला प्रदेश अध्यक्ष भगवती शर्मा तिवारी एवं प्रदेश महिला महासचिव वर्षा मेघानी ने सरकार को जी भर कर कोसते हुए वक्तव्य दिया कि सरकार द्वारा अपने जन- घोषणा में उल्लेखित नियमितीकरण एवं छटनी नहीं करेंगे के वादे को भूल गई है वही सामान्य प्रशासन द्वारा गठित समिति केवल और केवल पत्र पत्राचार (अनियमित कर्मचारियों की जानकारी मंग- मंगा कर) 2 वर्ष व्यतीत कर चुकी है

अब नियमितीकरण तो दूर नौकरी जाते देख अनियमित कर्मचारियों के पास विरोध के अलावा कोई और रास्ता नजर नही आ रहा है।

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