छत्तीसगढ़ को यशस्वी राज्य बनाने में सफल होंगे, जहां हर व्यक्ति का स्वावलम्बन राज्य की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक बनेगा: बघेल

कृषि ऋण के बाद 207 करोड़ रूपए की सिंचाई कर राशि माफ करने की घोषणा की

रायपुर।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य समारोह को सम्बोधित करते हुए 70वें गणतंत्र दिवस पर राज्य के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि संविधान की रोशनी में गणतंत्र की मजबूती के लगातार प्रयासों से हम छत्तीसगढ़ को ऐसा यशस्वी राज्य बनाने में सफल होंगे, जहां हर व्यक्ति का स्वावलम्बन राज्य की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा दिया गया है।

इस अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपना उद्गार छत्तीसगढ़ी भाषा से प्रारंभ किया और कहा कि जम्मो संगी, जहूंरिया, दाई-दीदी, सियान, जवान अउ लइका मन ल जय जोहार। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में कहा कि आज का दिन भारत के गौरवशाली अतीत को याद करने का है, जिसके दो महान अध्याय हैं स्वतंत्रता दिवस-15 अगस्त 1947 तथा गणतंत्र दिवस-26 जनवरी 1950। भारत को आजादी दिलाने के लिए अनगिनत लोगों ने जान की बाजी लगाई थी।

भारत का संविधान बनाने में भी अनेक महान विभूतियों का अथक योगदान दर्ज है। देश के सात दशकों के सफर को दिशा देने वाली विभूतियों तथा तन-मन-धन से योगदान देने वाले जन-जन को मैं नमन करता हूँ। भारत की आजादी की लड़ाई की पहली मशाल जलाने में छत्तीसगढ़ के वीरों का योगदान भी दर्ज है। शहीद गैंदसिंह, वीर गुण्डाधूर, शहीद वीर नारायण सिंह ने जो अलख जगाई थी, उससे छत्तीसगढ़ का कोना-कोना और जन-जन स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ गया था।

मुख्यमंत्री ने आगे का संदेश हिन्दी भाषा में कहा कि भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के नेतृत्व में जब देशभर के सामाजिक और विधिवेत्ता एकजुट हुए थे तो उनमें हमारे छत्तीसगढ़ की विभूतियों ने भी संविधान सभा के सदस्य के रूप में अपनी अमूल्य सेवाएं दी थीं।

मैं चाहूंगा कि वर्तमान और भावी पीढ़ियाँ अपनी विरासत से जुड़ाव रखते हुए संविधान निर्माताओं के सपनों को पूरा करने में अपना योगदान दर्ज करें। हमारे संविधान की प्रस्तावना-हम भारत के लोग से शुरू होती है जो गणतंत्र में प्रत्येक नागरिक की महत्ता दर्शाती है। हमारी सरकार प्रत्येक नागरिक के स्वाभिमान और उसकी गरिमा के लिए हर संभव उपाय करने के लिए कटिबद्ध है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के वचनों की भावना के अनुरूप लिए जा रहे हैं राज्य में फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ग्राम स्वराज को लेकर महात्मा गांधी की परिकल्पना भी याद है और उनका यह वचन भी याद है-कोई निर्णय लेने के पहले सबसे गरीब व्यक्ति को याद करो और स्वयं से यह पूछो कि आप जो कदम उठाने जा रहे हो क्या वह उस गरीब व्यक्ति के लिए उपयोगी होगा।

मुझे यह कहते हुए संतोष का अनुभव हो रहा है कि विगत एक माह में हमारे सारे फैसले महात्मा गांधी के वचनों की भावना के अनुरूप लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कांग्रेस घोषणा पत्र में शामिल उन मुददों का जिक्र किया जिन्हें पूरे करने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है।

0.इन मुददों का जिक्र

कृषि ऋण माफी के फैसले को सभी वर्गों का समर्थन मिला
0.रबी फसलों के लिए बंद पड़ी सिंचाई सेवाएं होगी प्रारंभ
0.कृषि विभाग का नाम बदलकर ‘कृषि विकास, किसान कल्याण
और जैव प्रौद्योगिकी विभाग’ किया गया
0.तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 25 सौ
प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रूपए करने का निर्णय
0.झीरम घाटी की दुःखदायी घटना से पीड़ित परिवारों को
शीघ्र न्याय दिलाने एसआईटी जांच
0.जिला खनिज संस्थान न्यास की जाएगी समीक्षा
0.5 डिसमिल से कम भू-खण्डों की खरीदी, बिक्री, हस्तांतरण, पंजीकरण से रोक हटाई गई
0.लोहण्डीगुड़ा एवं प्रभावित 10 गांवों के आदिवासी किसानों की 1764 हेक्टेयर से अधिक जमीन वापस की जाएगी
0.पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की कार्यवाही प्रारंभ
0.महाविद्यालयों के सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू
0.शराबबंदी की दृष्टि से दो नई समितियाँ गठित
0.लोकआस्थाओं का सम्मान करते हुए ‘माघी पुन्नी मेला’ की गौरवशाली पहचान वापस दिलाने की पहल

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