छत्तीसगढ़: इस न्यायालय में 25 दिन के अंदर दो लोगों को मिली फांसी की सजा, पढ़िये पूरी खबर

राजनांदगांव. राजनांदगांव शहर के एक फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष अदालत ने सात साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और उसके बाद उसकी हत्या करने वाले को मौत की सजा सुनाई है। इस न्यायालय में 25 दिन के अंदर यह दूसरी सजाए मौत का फैसला दिया गया है।

विशेष लोक अभियोजक परवेज अख्तर ने बताया कि

जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) शैलेष शर्मा ने बेमेतरा जिले के निवासी आरोपी दीपक बघेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत सजा-ए-मौत की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने अरोपी को आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) तहत सात साल और आईपीसी की धारा 366 (एक महिला का अपहरण या अपहरण करने के लिए उसे मजबूर करने के लिए दोषी घोषित करने के बाद दस साल के आरआई) के तहत भी सजा सुनाई है।

घटना राजनांदगांव के सोमनी थाने अंतर्गत एक गांव की है। यहां इसी साल फरवरी में आरोपी ने अपने दोस्त की भांजी और एक अन्य नाबालिग को चैत्र नवरात्रि के दौरान जसगीत सुनाने के बहाने घर से लेकर गया और रात का फायदा उठाकर मासूम नाबालिग को सुनसान जगह में ले गया और उसका रेप किया। उसके बाद आरोपी ने सर को पत्थर से कुचल दिया था।

उसका जब इससे मन नही भरा तो आरोपी ने चलती ट्रेन के सामने मासूम बच्ची को लेटा दिया जिससे उस मासूम के टुकड़े हो गए। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। बच्ची के वापस न लौटने पर घर वालो ने पुलिस में शिकायत की। फिर पुलिस ने खोजबीन शुरू की तब बच्ची की लाश कई टुकड़ों में रेलवे ट्रैक के पास मिली।

फिर पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर 5 मार्च को मामला दर्ज किया और आरोपी को बेमेतरा से गिरफ्तार किया था। इसी न्यायालय ने 14 सितंबर को भी साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के मामले में एक अन्य आरोपी को मौत की सजा दी थी।

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