छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता रॉकी ने प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल से की ये मार्मिक अपील

मल्टीप्लेक्स की मनमानी और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के दुर्दशा पर जताया दुख

रायपुर: छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता रॉकी दासवानी ने प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल से एक मार्मिक अपील की है।रॉकी दासवानी ने सोशल मीडिया में संदेश के माध्यम से लिखा कि जब हम अपनी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म रिलीज़ करने जा रहे थे, तो हमने छत्तीसगढ़ में मल्टीप्लेक्स चलाने वाले सभी सिनेमा प्लेटफार्म को मेल किया, उनको कई बार कॉल किया कि हमारी एक बहुत प्यारी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म महूँ कुंवारा तहूँ कुंवारी 26 अप्रैल को रिलीज हो रही है।

हम आपके मॉल (मल्टीप्लेक्स) में भी फ़िल्म रिलीज़ करना चाहते है.हमारे मेल का किसी ने भी जवाब तक देना ज़रूरी नहीं समझा और फ़ोन पर उन्होंने जो रिप्लाई दिया वो ये है कि हम छत्तीसगढ़ी फ़िल्म नहीं लगाते है, वो ऑडियन्स हमारे लेवल की नहीं है , और फिर हॉलीवुड और बॉलीवुड की फिल्मो को लगाने के बाद हमारे पास छत्तीसगढ़ी फिल्मो के लिये स्पेस ही नहीं बचता है, इसलिये हम नही लगा सकते.

सोचिये… जिस छत्तीसगढ़ में ये PVR, INOX और CINEMAX जैसी मल्टीनेशनल कंपनियां करोड़ों का व्यापार करती है, उन्हें छत्तीसगढ़ी फिल्मो की ऑडियन्स ही उनके लेवल की नहीं लगती ?

अप्सरा टॉकीज़ दुर्ग की बुकिंग करने वाले उनके बुकिंग एजेंट मेहुल दोषी ने हमारी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म महूँ कुंवारा तहूँ कुंवारी एक हफ्ते में अपने सिनेमा घर से ये कहकर निकाल दी कि हम छत्तीसगढ़ी फ़िल्म नहीं लगाते है, आपकी फ़िल्म हमने एक हफ्ते के लिये लगा दी, आपके ऊपर अहसान किया… हमारी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म उतार कर उसने एक हॉलीवुड की फ़िल्म थर्ड आई लगा दी…

देखने वाली बात ये है कि हमारी फ़िल्म एक अच्छे कलेक्शन ( 60000/-) में उसने उतार दी, और उसके बदले उसने जो फ़िल्म वहां लगाई उसका कलेक्शन 25% (15000/-) भी नहीं रहा…

राजनांदगांव की कमल छाया टॉकीज़ की बुकिंग करने वाले उनके एजेंट राहुल भंडारी जो राजस्थान में कहीं रहते है, वो भी अच्छी स्तिथि में चलती हुई हमारी फ़िल्म को उतार कर स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 लगाने चले थे… एग्रीमेंट में होने के बावजूद वो फोन करके ये कहते है कि मैं आपकी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म उतार रहा हूँ, जब उनसे थोड़े कड़े शब्दों में हमने बात की तो वो कहते है कि किराया बढ़ा कर दे दो तो हम चलाएंगे…

हिंदी फिल्मों को शेयर में चलाने वाले और उनकी सारी शर्तों को मानने वाले ये लोग हमारे साथ इस तरह की दादागिरी करते है, छत्तीसगढ़ में सिनेमा चलाते है और छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माताओं का शोषण करते है, जब हमने राहुल भंडारी को कहा कि अगर आपने हमारा एग्रीमेंट तोड़कर फ़िल्म उतारी तो हम आपकी टॉकीज़ में धरना दे देंगे, और टॉकीज़ चलने नहीं देंगे तो मज़बूरी में उन्होंने हमारी फ़िल्म कंटीन्यू की…

ये मल्टीप्लेक्स मालिक, मेहुल दोषी और राहुल भंडारी जैसे लोग जो अमरावती और मुम्बई में रहकर यहां छत्तीसगढ़ में सिनेमा बुक करते है और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते हैं…

आप लोग बताइए ऐसे लोगों का क्या करना चाहिये ?

क्या छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी फिल्मे सिनेमा हॉल में चलाना अनिवार्य नहीं करना चाहिये ?

क्या सिनेमा हॉल मालिको पर छत्तीसगढ़ी फिल्मो को लेकर कोई अंकुश, कोई नियम कायदा नहीं होना चाहिये जो हिंदी फिल्मों को उनकी शर्तों पर प्रॉफिट शेयर देते है और जब हमारी छत्तीसगढ़ी फिल्मो की बारी आती है तो उनसे कम शेयर देकर भी हमारे ऊपर अहसान करते है ?

मैं रॉकी दासवानी इस सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात हमारे प्रदेश के मुखिया माननीय श्री भूपेश बघेल जी तक पहुँचाना चाहता हूँ कि…

सिनेमा हमारे समाज और संस्कृति को बचाने में एक सक्षम भूमिका निभाता है…

सिनेमा हमारे प्रदेश की एक सशक्त छवि देश और दुनियां में बनाता है…

सिनेमा से ना सिर्फ टूरिज़्म बढ़ता है बल्कि हज़ारो लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार भी मिलता है…

चार सुपरहिट छत्तीसगढ़ी फिल्मो मया, टूरा रिक्शावाला, लैला टिप टॉप छैला अंगूठा छाप और महूँ कुंवारा तहूँ कुंवारी का निर्माण करने के बाद भी मुझे अपनी फिल्मों को सिनेमा हॉल में पहुँचाने में संघर्ष करना पड़ता है, फिल्मों के सुपरहिट होने के बाद भी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म निर्माता अपनी फिल्म की लागत का 50% भी नहीं निकाल पाते है…

मैं तो सोचकर ही सिहर उठता हूँ कि बेचारे नए और कमज़ोर फ़िल्म निर्माताओं का ये सिनेमा मालिक क्या हाल करते होंगे ?

हमारे प्रदेश के मुखिया आदरणीय भूपेश भैया से मैं रॉकी दासवानी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म निर्माता ये विनम्र निवेदन करता हूँ कि पिछली सरकार ने हमारी भावनाओं के साथ खूब खिलवाड़ किया है, और पंद्रह सालों तक हमारी बात सुनने तक का वक़्त उन्होंने नहीं निकाला, पर आपसे हमे बहुत ज़्यादा उम्मीदें है, आपके छत्तीसगढ़ियापन में अपनापन सा लगता है…

कृपया इस दिशा में ध्यान दें, लाखों दुआएं आपका इंतजार कर रही हैं…

अपने छत्तीसगढ़ की खूबसूरत और सुनहरी संस्कृति को बचाने में हमारी मदद करें!

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