खेती-किसानी में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि सराहनीय : केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री

रायपुर: केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा राज ने छत्तीसगढ़ के कृषि विकास की सराहना की है। श्रीमती राज ने आज यहां राष्ट्रीय कृषि मेले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि खाद्यान्न विशेषकर चावल उत्पादन में छत्तीसगढ़ ने विगत कुछ वर्षों में एक नई पहचान बनाई है।

छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के लिए केन्द्र सरकार की ओर से तीन कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मछली उत्पादन में भी छत्तीसगढ़ राज्य को विशेष कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ बीज उत्पादन के मामले में भी निर्भर हो गया है। यह खेती के लिए बहुत अच्छी बात है क्योंकि अच्छे बीज से अच्छी फसल की नींव पड़ती है।

कार्यक्रम में श्रीमती कृष्णा राज ने हरियाली गौरव हिन्दी मासिक पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने कृषि विभाग की आत्मा योजना के तहत जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित किसानों को सम्मानित भी किया। पशुधन विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पशुपालकों का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में राज्य वीरता पुरस्कार प्राप्त छत्तीसगढ़ के 6 बहादुर बच्चों का भी सम्मान हुआ। केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा राज ने कृषि मेले की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों में खेती-किसानी के प्रति नया उत्साह जगाने का काम करता है क्योंकि ऐसे आयोजनों से उन्हें खेती से संबंधित नई-नई चीजें देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत को उन्नत देश बनाने के लिए किसानों की उन्नति करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसी उद्देश्य से खेती-किसानी को आसान बनाने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू की है। मिट्टी स्वास्थ्य परीक्षण योजना सही ढंग से खेती करने के लिए उपयोगी साबित होगी। मिट्टी स्वास्थ्य परीक्षण से खेती की जमीन के गुण, तत्व और कमियां समझ आती है। मिट्टी के स्वास्थ्य के अनुरूप सही ढंग से खेती करने से अच्छी फसल होती है।

केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में किसानों को भी सहयोग करना होगा। अब परम्परागत खेती की जगह एकीकृत खेती को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खेती के साथ-साथ पशुपालन, मछलीपालन और बागवानी को अपनाना चाहिए।

हर किसान के आंगन में पशुधन होना चाहिए। यह आर्थिक उन्नति के लिए बहुत जरूरी है। श्रीमती कृष्णा राज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में किसानों की हालत सुधारने के लिए तेज गति से काम हुआ है। अब पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि छत्तीसगढ़ भी खेती के मामले में आगे बढ़ेगा।

कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में किसानों से खेती-किसानी के आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा। श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय कृषि मेले के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि खेती-किसानी से संबंधित हर क्षेत्र की जानकारी इस मेले से किसानों को मिल रही है।

कृषि एवं  जल संसाधन विभाग के संसदीय सचिव श्री तोखन लाल साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भुईंया के भगवान ‘किसान‘ की हर सुविधा के लिए योजनाएं शुरू की है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों के जीवन में परिवर्तन आया है। खाद्यान्न के साथ-साथ बागवानी फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। श्री साहू ने किसानों से कहा कि उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।

कार्यक्रम में विधायक राजिम श्री संतोष उपाध्याय, छत्तीसगढ़ कृषि एवं बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेसर पटेल, छत्तीसगढ़ किसान कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विशाल चंद्राकर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री श्री पूनम चन्द्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग तथा उससे संबंधित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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