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छत्तीसगढ़ की मशहूर लोक गायिका ममता चन्द्राकर बनीं खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति

राज्यपाल अनुसुईया उइके ने की नियुक्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक गायिका ममता चन्द्राकर को खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त किया गया है। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने ममता चंद्राकार को इंदिरा कला संगीत विवि खैरागढ़ का कुलपति बनाया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की मशहूर लोकगायिका ममता चंद्राकर को भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा है। ममता चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ के राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ को भी अपनी आवाज दी है।

श्रीमती चंद्राकर आकाशवाणी केन्द्र रायपुर में बतौर निदेशक भी काम कर चुकी हैं। वे चार दशक से ज्यादा समय से छत्तीसगढ़ी लोकगीत गा रही हैं और एक लंबे अरसे से रेडियो में …तोर मन कइसे लागे राजा……जैसे उनके गीत गूंज रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि ममता चंद्राकर लोकगीत के लिए मशहूर हैं और जब भी सुआ, गौरा गौरी, बिहाव, ददरिया कहीं बजता है तो उसमें ममता चंद्राकर के गीत जरूर सुनाई पड़ते हैं।

मशहूर गायिका ममता चंद्राकर बचपन से लोकगीत गाते आ रही हैं। इसमें उनके पिता दाऊ महासिंह चंद्राकर का पूरा सहयोग रहा है और कई दशकों से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में रेडियो और सीडी में उनके गीत सुनाई पड़ रहे हैं।

उनके पिता दाऊ महासिंह चंद्राकर भी लोककला के संरक्षक थे। छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरा है।

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