छत्तीसगढ़ की बंधक बेटी का स्वदेश वापसी का रास्ता साफ

कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिकी सरकार ने जारी किया पासपोर्ट

बिलासपुर। अमेरिका में बीते 11 महीने से बंधक जीवन गुजार रही निधि के साथ ही परिजनों के लिए राहत वाली बात ये कि कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिकी सरकार ने पासपोर्ट जारी कर दिया है। निधि के पति द्वारा दायर मामले को अमेरिकी कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

बता दें कि निधि की शादी वर्ष 2012 में विशाखापट्टनम निवासी डी रविशंकर के साथ हुई थी। रविशंकर अमेरिका के बाल्टीमोर शहर में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है।

वह और उसका पूरा परिवार वहीं बस गया है। वह यूएएस का ग्रीनकार्डधारी भी है। अप्रैल 2013 में निधि ने पुत्र को जन्म दिया। पिता ने उसका नाम साकेत रखा।

पुत्र के जन्म के बाद से ही रविशंकर और निधि के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने लगा। इसकी जानकारी निधि ने अपनी मां को दी । पिता से रहा नहीं गया। वह अमेरिका गया और बेटी व नाती को लेकर बिलासपुर आ गया।

तकरीबन एक साल बाद निधि ने अपने पति से वीजा नवीनीकरण कराने की बात कही व अमेरिका आने की इच्छा जताई। पति ने वीजा नवीनीकरण नहीं कराया ।

तब निधि के नाम पर उसके पिता ने एसबीआई से एजुकेशन लोन के तहत 18 लाख रुपए निकाले व बेटी व नाती को लेकर अमेरिका गया। शेष राशि खर्च के लिए बेटी को दे दी।

एक सप्ताह रहने के बाद पिता वापस बिलासपुर लौट आया। उनके आते ही पति रविशंकर ने निधि व अपने मासूम बेटा को घर से निकाल दिया। तब से लेकर आजतक निधि अपने मासूम बेटे के साथ अलग रह रही है।

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