रामायण सर्किट के लिए चुने गए 15 डेस्टिनेशन में छत्तीसगढ़ का जगदलपुर शामिल

स्वदेश दर्शन योजना के तहत होगा विकास

नई दिल्ली :

केंद्र की एनडीए और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण पर ध्यान देते हुए रामायण सर्किट को विकसित करने की योजना बना रही हैं। इसके लिए 15 स्थानों को चुना गया है।

सोमवार को संसद में टूरिज्म मंत्रालय की ओर से 15 चिन्हित स्थानों के नाम की घोषणा की गई। ‘रामायण सर्किट’ यानी भगवान राम से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने का प्लान है।

केंद्र सरकार देश के धार्मिक स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर लाने और इन स्थानों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से रामायण सर्किट का विकास कर रही है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत देश के 10 राज्यों में उन स्थानों पर मंदिरों, नदी घाटों को विकसित किया जाएगा, जहां से राम गुजरे थे।

स्वदेश दर्शन योजना के तहत रामायण सर्किट पर होने वाले विकास कार्य समय पर पूरे हों, इसके लिए भी केंद्र सरकार गंभीर है। इन सभी विकास कार्यों के लिए 18 से 36 महीने का समय निर्धारित किया गया है।

योजना की शुरुआत करते हुए पिछले साल अगस्त में उत्तर प्रदेश को इसके लिए 223 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए थे। अब स्वदेश दर्शन योजना के तहत 5,800 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय सहायता के साथ 73 परियोजनाएं स्वीकृत दी गईं है। इन 15 डेस्टिनेशन में एक नाम छत्तीसगढ़ के जगदलपुर का भी है, जहां से होकर भगवान श्रीराम होकर गुजरे थे ।

ये हैं 15 डेस्टिनेशन, यहां से गुजरेगा रामायण सर्किट

‘रामायण सर्किट’ में ऐसे स्थानों का चयन किया गया है जहां से ऐसा विश्वास है कि भगवान श्रीराम गुजरे थे, इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गंतव्यों को पीने के पानी, आवास सुविधाओं आदि आधारभूत संरचनाओं से विकसित किया जाएगा।

टूरिज्म मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, रामायण सर्किट के लिए ये 15 चिन्हित डेस्टिनेशन हैं :

1. अयोध्या(Uttar Pradesh)
2. श्रृंगवेरपुर(Uttar Pradesh)
3. चित्रकूट (Uttar Pradesh)
4. सीतामढ़ी (Bihar)
5. बक्सर (Bihar)
6. दरभंगा (Bihar)
7. नंदीग्राम (Uttar Pradesh)
8. महेंद्रगिरी (Odisha)
9. जगदलपुर(Chattisgarh)
10. भद्राचलम (Telangana)
11. रामेश्वरम (Tamil Nadu)
12. हंपी (Karnataka)
13. नासिक (Maharashtra)
14. नागपुर (Maharashtra)
15. चित्रकूट (Madhya Pradesh)

कैसे बनेगा सर्किट

कुल बजट 223.94 करोड़ में से अयोध्या में 151.12 करोड़ के विकास कार्य होंगे, जबकि श्रृंगवेरपुर (इलाहबाद) को 17.15 करोड़ और चित्रकूट को 45 करोड़ रुपए की धनराशि मिलेगी।

बजट की इस रकम से सरकार घाट-मंदिरों और पर्यटन स्थलों को आधुनिक शक्ल देगी। यह धन रामायण सर्किट के निर्माण के फेज-1 की अनुमानित लागत है।

रोजगार के अवसर

सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय कला और शिल्प को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का दावा है कि यह मिथिलांचल जैसे अल्पविकसित क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा क्योंकि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

advt
Back to top button