छत्तीसगढ़ के कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का आज जन्मदिन

मिलनसारिता के लिए सभी के बीच हैं लोकप्रिय

रायपुर: बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ के एक ऐसे नेता हैं जिन्हें पूरे राज्य की जनता प्यार करती है, सम्मान देती है और उन पर भरोसा करती है. कहा जाता है कि जिस व्यक्ति को इज्जत और शोहरत हासिल हो जाए तो उसका जन्म सार्थक हो जाता है. ये दोनों तभी प्राप्त होते हैं जब आप अपने समर्थकों के प्रति भरोसेमंद हो.

बृजमोहन अग्रवाल की सबसे बड़ी पूंजी यही है कि लोग उन पर भरोसा करते हैं. यह भरोसा उन्होंने अपने सत्कर्मों और सक्रियता से कमाया है. यही कारण है कि वह लगातार 6 बार से राज्य विधानसभा के सदस्य बने हुए हैं और राज्य में जब से भाजपा की सरकार सत्ता में आयी है तभी से वे कैबिनेट मंत्री हैं. उनकी छवि सरकार में एक दबंग मंत्री की है.

बात दे कि 1 मई 1959 को जन्मे बृजमोहन अग्रवाल पहली बार 1990 में विधायक बने और तब से लगातार लगातार हर चुनाव में उन्हें विजयश्री प्राप्त हुई.

बृजमोहन अग्रवाल 2003 में छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य बने. अपने पहले ही कार्यकाल में उन्होंने एक महान कार्य किया. उन्होंने राजिम में हर साल लगने वाले मेले को कुंभ का रुप दिया. राजिम मेले को राजिम कुंभ में परिवर्तित करने के कारण बृजमोहन अग्रवाल को पर्याप्त प्रसिद्धि मिली और राजिम कुंभ देश में ही नहीं विदेशों में भी ख्यातनाम हुआ.

एक मंत्री के तौर पर विशाल को जो भी विभाग दिया गया उन्होंने क्रांतिकारी फैसले लिए और अपने विभाग को क्रियाशील बना दिया. सामाजिक दायित्व निभाने में बृजमोहन अग्रवाल का कोई सानी नहीं है. हर निमंत्रण को पूरा सम्मान देना उनकी आदत में शामिल है. वह गरीबों एवं पददलितों के लिए मसीहा हैं. महिलाओं के सम्मान के प्रति हमेशा सजग रहते हैं जबकि युवा वर्ग के लिए तो वे हीरो हैं. पत्रकारों का भी वे बहुत सम्मान करते हैं. अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में में देर नहीं करते.

इसके अलावा, बृजमोहन अग्रवाल का सबसे बड़ा गुण यह है – मिलनसारिता. वे हर किसी से मिलने हैं इसलिए हर कोई उनसे मिलना चाहता है. यहां तक कि विरोधी पक्ष के लोग भी उनसे मिलकर अपनी समस्याओं को हल करवा लेते हैं. उनके सरकारी बंगले पर प्रतिदिन सुबह से ही सैकड़ों लोग पहुंचते हैं और मिलने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं. भारी व्यस्तता के बावजूद वे हर किसी से मिलने का भरसक प्रयास करते हैं.

बृजमोहन अग्रवाल की व्यस्तता का यह आलम है कि एक दिन पहले ही उनके अगले दिन के कार्यक्रम की सूची बन जाती है. उनकी यह सक्रियता ही उन्हें स्वस्थ बनाए हुए हैं. वरना मधुमेह जैसे रोग पर वे अंकुश नहीं लगा पाते.

Back to top button