छुरा विकासखण्ड की ऐसी पंचायत जहां का सचिव पहुंचता है महीनों में दो बार

हितेश दीक्षित

छुरा।

प्रदेश सरकार द्वारा पंचायती राज व्यवस्था लागू कर ग्राम में किये जा रहे समस्त कार्यो का जिम्मा पंचायत प्रतिनिधि और सचिव को सौंप विकास का दावा करती रहती है लेकिन हकीकत सिर्फ कागजों में दौड़ रही है।

यहाँ पंचायत के कर्ता धर्ता ही जब अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ले तब गांव का विकास किस हद तक संभव होगा यह अनुमान लगाया जा सकता है पूर्व सरकार की राज में शिकायत कर्ता शिकायत करते रहते थे लेकिन नौकरशाही भारी होने के कारण चंद रुपयों के आगे जिम्मेदार कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहें थे।

तभी तो उनके नुमाइंदे दिन-प्रतिदिन कारनामा रचते रहते है और कार्रवाई जमीनी स्तर पर नही हो पाती है। बताना लाजमी होगा कि जनपद पंचायत छुरा मुख्यालय से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत खरखरा में सचिव द्वारा मनमानी किये जाने और पंचायत से नादरत रहने का मामला सामने आया है।

जिसकी शिकायत सरपंच, उप-सरपंच, पंच कभी नहीं करते कियूं की ग्रामीणों का और पंचायत के चपरासी के पद पर पदस्थ कहते है कि सचिव सुरेश ठाकुर ने सभी का मुंह बंद कर दिया है और सचिव हमारी पंचायत मे महीना में दो बार ही पंचायत आता है बो भी मात्र एक दो घंटे के लिये और सरपंच भी पंचायत तभी आते है जब सचिव आता है।

आरोप है कि यहां विशेष ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया जा रहा है ना ही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। पंचायत में समस्याओं का अम्बार लगा हुआ है और जिम्मेदार सचिव लापरवाही बरतते हुये पंचायत से गायब रहता है।

वहीं जब गांव के लोगो द्वारा सचिव से बात किया जाता है तो सचिव द्वारा ताल मटोल कर जनपद तो कही और कार्यालय में मीटिंग में होने का बहाना करते रहता हैं, जिससे पंचायत के कर्मी सहित जनप्रतिनिधि परेशान नजर नही आ रहे है और न ही सरपंच सचिव की लापरवाही के कारण पंचायत का विकास अवरूद्ध हो गया है।

किसी भी हितग्राहियों मूलक योजनाओं का काम समय पर नही हो पा रहा है जिससे सभी ग्रामवासी बार-बार पंचायत का चक्कर काट रहे है किन्तु सचिव हमेशा पंचायत से नादरत ही रहते है जबकि ग्राम पंचायत खरखरा छुरा जनपद मुख्यालय से महज चार किलोमीटर की दूरी पर है अब इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि विकास छुरा का क्या हाल होगा।

पानी के लिए करना पड़ता है एक किलोमीटर का सफर

ग्राम पंचायत खरखरा के आश्रित ग्राम पण्ड्रीपानीडीह (शांतीनगर) पारा के रुपाबाई /पति हरिराम , शत्रोहन पिता हरिराम ,गिरजाबाई पति शत्रोहन तीनो एक ही परिवार के सुखबाई/बिरझुराम साहु, रामजी सतनामी , लिलेश्वरी बाई/ कन्हैया यादव,जगौति/आत्माराम मरकाण्डे(सतनामी),कौशिल्या/अर्जुन ढीही (सतनामी), हेमिन/भुरु गेन्दले (सतनामी),सुनीता/बिजुराम ओगरे (सतनामी),प्यारी/रामलाल ओगरे,जनियाबाई/जगतराम ओगरे,राजेश्वरी/लीलाधर ओगरें व अन्य ग्रामीणों ना तो शौचालय बने ना ही है पारा में पानी की कोई व्यबस्था नही है।

लापरवाह सचिव और जनप्रतिनिधियों के कारण ग्राम पंचायत खरखरा के आश्रित ग्राम पंडरीपानी के शांति नगर में सुविधाओं का लोगों को हमेशा ही अभाव रहता है जबकि 40-45 घरों का पारा में एक भी हैंड पंप नही है जिसके चलते पानी की समस्या बनी हुई है ।पानी के लिये बुजर्ग महिलाओं को भी 1 किलोमीटर पंडरीपानी तक का सफर करना पड़ता है ।जिससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

विशेष राजनीतिक पार्टी से है संबंध

ग्राम के सरपंच, उपसरपंच पर ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाते हुये कहते है कि प्रशासन को बताया जायेगा कि सचिव शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद किसी विशेष राजनीतिक दलों से संबंध रखता है ।और पंचायत से नादरत रहता है। जिस कारण जल्द से जल्द उक्त लापरवाह सचिव को हटाने की मांग की जायेगी ।

5 किलोमीटर दूर से हो रही नौकरी

ज्ञात हो कि उक्त सचिव अपने ग्राम मुख्यालय में न रहकर विकासखंड छुरा की ग्राम पंचायत कोसंमबुड़ा का निवासी है जो कि खरखरा से 5 किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे पंचायत के समस्त कार्य रुका हुआ है पंचायत के प्रतिनिधियो पर सचिव अच्छी पकड़ होने के कारण सचिव 5 किलोमीटर दूर से आवागमन करते है जिससे माह में दो बार ही पंचायत उनका आना होता है।

अगर कभी कभार उनके दर्शन हो भी गए तो उनके द्वारा सीधे मुह किसी भी ग्रामीणों से बात नही की जाती है जिस कारण उनके बर्ताव से सभी ग्रामीण परेशान है ग्राम के ने संवेदनशील कलेक्टर श्री धाबड़े जी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मांझी जी से उक्त लापरवाह सचिव को अन्यत्र ट्रांसफर कर कार्रवाई करवाने की बात कही है।

इनका कहना है

ग्राम पंचायत खरखरा के चपरासी परदेशी राम/आनंद से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि हमारी पंचायत को मैं ही खोलता हुँ सचिव सुरेश ठाकुर महीना मे दो बार ही आता है और पंचायत की मीटिंग तो कई महीनों से नही हुई है।

मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री मांझी जी से चर्चा में उन्होंने कहा कि मैं सचिव को कल ही नोटिस जारी करता हूँ और शांति नगर मे हैंडपंप के लिये प्रस्ताव बनाकर भेजता हूँ।

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