चिदंबरम ने जीडीपी विकास दर पर ली चुटकी, बोले- जीडीपी का ऑकड़ा एक पहेली

मौजूदा सरकार के दौरान सभी इकॉनमिक पैरामीटर गिरावट दर्शा रहे हैं, ऐसे में विकास दर आकलन को अधिक कैसे बताया जा रहा

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने नरेंद्र मोदी की सरकार के जीडीपी विकास दर के आंकड़ों का मजाक उड़ाते हुए इसे एक ‘पहेली’ करार दिया और तंज कसते हुए कहा कि इस पहेली को नीति आयोग ही सुलझा सकता है।

उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जब मौजूदा सरकार के दौरान सभी इकॉनमिक पैरामीटर गिरावट दर्शा रहे हैं, ऐसे में विकास दर आकलन को अधिक कैसे बताया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में ‘इज इंडिया बीईंग रिडिफाइंड’ नामक एक कार्यक्रम में शुक्रवार कोशिरकत करने के दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेता ने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने नोटबंदी पर चुप्पी क्यों साध रखी थी। चिदंबर ने सरकार के नोटबंदी के कदम को पूरी तरह से बेवकूफीभरा फैसला करार दिया था।

चिदंबरम ने पूछा, ‘जब पिछले चार सालों में जीडीपी विकास दर यूपीए सरकार की तुलना में बेहतर रही है, तो फिर निवेश में 5-6 फीसदी की गिरावट क्यों आई है।’

उन्होंने कहा, ‘अगर अर्थव्यवस्था के तमाम आंकड़े गिरावट का संकेत दे रहे हैं, तो फिर जीडीपी का आंकड़ा कैसे ऊपर जा रहा है? ऐसे में जीडीपी दर कैसे बढ़ सकती है। यह गुत्थी किसी को सुलझानी पडे़गी, नीति आयोग ही यह काम कर सकता है।’

शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर जुलाई-सितंबर तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही, जो तीन तिमाहियों में सबसे कम है। आंकड़े जारी होने के बाद आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर का आंकड़ा ‘निराशाजनक लगता’ है, लेकिन चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही का आंकड़ा काफी बेहतर है।

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