मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की पूर्व महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 102वीं जयंती

रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आयरन लेडी के नाम से मशहूर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आज उनके 102वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की.

सीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद किया और कहा

सीएम ने ट्वीट करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद किया और कहा- कि देश आज जिस पराक्रम, कठोर निर्णायक क्षमता, दूरदृष्टि से परिपूर्ण एक कुशल नेतृत्व की कमी महसूस कर रहा है, बस इन्हीं सबका सम्मिश्रण थीं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी जी.आज उनके जन्मदिन के अवसर पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है. ऐसी शक्ति को कोटि कोटि नमन.

देश आज परिपूर्ण एक कुशल नेतृत्व की कमी महसूस कर रहा

देश आज जिस पराक्रम, कठोर निर्णायक क्षमता, दूरदृष्टि से परिपूर्ण एक कुशल नेतृत्व की कमी महसूस कर रहा है, बस इन्हीं सबका सम्मिश्रण थीं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती #IndiraGandhi जी। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। ऐसी शक्ति को कोटि कोटि नमन🙏

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर कहा है कि इंदिरा गांधी ने आजीवन गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रयास किया और देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया.

श्रीमती गांधी ने दूरदृष्टि और पक्के इरादे के साथ देश को नई दिशा प्रदान की. चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भारत को प्रतिष्ठापूर्ण स्थान दिलाया. उनके हरित क्रांति कार्यक्रम की सफलता ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया.

प्रधानमंत्री के रुप में उन्होंने बैंकों के राष्ट्रीयकरण, राजाओं के प्रिवीपर्स की समाप्ति जैसे कठोर निर्णय लिए। बांग्लादेश का उदय, भारत का परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनना उनकी प्रमुख उपलब्धियां थी. उनके कार्यकाल में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना हुई और प्रथम उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में छोड़ा गया.

इंदिरा गांधी बचपन से देश के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं. उन्होंने बाल चरखा संघ की स्थापना की और असहयोग आंदोलन के दौरान बच्चों की वानर सेना बनायी. श्रीमती गांधी विभिन्न विषयों में रूचि रखने वाली और जीवन को एक सतत प्रक्रिया के रूप में देखती थी, जिसमें कार्य और रूचि इसके विभिन्न पहलू है। जिन्हें किसी खंड में अलग नहीं किया जा सकता और न ही अलग श्रेणी में रखा जा सकता है. उन्होंने अपने जीवन में कई उपलब्धियां प्राप्त की.

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