सावन के पहले सोमवार में शामिल होने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सह पत्नी पहुचेंगे।

-हिमांशु सिंह ठाकुर

कवर्धा। भोरमदेव पदयात्रा के 10वें वर्ष की तैयारियां पूरी हो चुुकी है । सावन के पहले सोमवार को आम नागरिक जिले के समृद्धि के लिए यह यात्रा करते हैं। इसमें शामिल होने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सह पत्नी पहुचेंगे।

इसके अलावा सांसद अभिषेक सिंह, जिले के दोनों विधायक व पूर्व कलेक्टर और आला अधिकारी यात्रा में शामिल होंगे।सावन महीने का पहले सोमवार को हजारों पदयात्रियों सहित कांवरियों द्वारा भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने का अनुमान है।

श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए जिला प्रशासन और भोरमदेव प्रबंधन तीर्थ कारिणी समिति तैयारी की है।ज्वाईन हैंण्डस संस्था द्वारा भोरमदेव परिसर मे भंडारा का आयोजन है जिसमें छ.ग.के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सपरिवार शामिल होकर श्रद्धालुओ भोजन प्रसाद परोसेगे।

पदयात्रा में दूरदराज से भोरमदेव मंदिर में आने वाले पदयात्रियों और कांवरियों के लिए जिले उचित प्रबंध और सुविधाओं का विस्तार हो इस तरह से अनेक व्यवस्था की गई है।

कांवरियों को जिले के सभी ग्राम पंचायत और सामुदायिक भवनों में विश्राम के लिए व्यवस्था, उनके कांवर को रखने के लिए उचित प्रबंध भी किया गया है। कवर्धा से भोरमदेव मन्दिर परिसर तक बारिश से बचने के लिए जगह जगह त्रिपाल पंडाल भी लगाए गए है।

कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी किए है। सुरक्षा के लिहाज से परिसर के पास पुलिस चौकी, मंदिर परिसर के अंदर पुरुष और महिला पुलिस बल भी तैनात किए गए है।

इसके अलावा पूरे मंदिर परिसर की सीसी कैमरे की निगरानी होगी। वर्तमान में 6 जगहों में खुफिया कैमरे लगाए गए है। भोरमदेव मंदिर परिसर को पॉलीथीन मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है।

परिसर के अंदर पॉलिथीन से पूजा सामग्री ले जाना बैन किया गया है। दुकानदारों को भी पॉलीथीन में सामान देने के लिए भी मना किया गया है। पॉलीथीन की जगह कपड़े से बने कैरी बैग का उपयोग किया जाएगा।

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को छत्तीसगढ़ के खजुराहो भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने पदयात्रा का आयोजन किया जाता है। प्रशासन सहित आम जनता इस पदयात्रा में शामिल होते हैं। जिले में पुरे सावन भर विशेष पूजा अर्चना किया जाता है।

वहीं जिलेभर व आस पास के जिले के बोलबम समिति भोरमदेव में पहुंचकर जल अभिषेेक करते हैं। इसके लिए प्रशासन व मंदिर समिति द्वारा विशेष व्यवस्था करती है।

कई बोल बम समिति के सदस्य अमरकंटक से जल लेकर नगर के बूढ़ा महादेव मंदिर व भोरमदेव मंदिर के शिवलिंग में अभिषेक करने पहुंचते हैं। जिनके लिए रास्तों में आराम करने व रुकने की व्यवस्था सामाजिक संस्था द्वारा किया जाता है। पूरे माह भर जिले में भक्तिमय वातातरण रहता है।

पदयात्रा में उमड़ेगा जलसैलाब जिले के सुख शांति व समृद्धि के लिए प्रशासन व जिले के लोगों द्वारा नगर के बूढ़ा महादेव मंदिर से भोरमेदव मंदिर तक पदयात्रा निकलती है।

जो 18 किमी पैदल चलकर भोरमदेव बाबा तक पहुंचते हैं। इस पदयात्रा में भक्त उपस्थित रहते हैं। इस सावन 30 जुलाई सोमवार को पदयात्रा निकलेगी, जिसकी तैयारी प्रशासन व समिति द्वारा की जा रही है।

इन स्थानों पर लगता है मेला नगर के बूढ़ा महादेव मंदिर, भोरमदेव मंदिर, जालेश्वर महादेव घाट, जुनवानी, रामचुवा, झिरना, आंछी सहित जिले के कई शिवमंदिरों में श्रावण मास में विशेष पूजा अर्चना होती है।

इन मंदिरों में पूरे सावनभर भक्तों की भीड़ लगी रहती है। जिलेभर में मेले सा महौल रहता है। इसके कारण पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा तैयारी किए जाते हैं। यहां दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जाते हैं। वहीं कांवरियों की अधिक भीड़ होती है।

कवर्धा के पूर्व कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सोनमणि बोरा, आर. संगीता, पी. दयानंद एवं जिले के पूर्व अधिकारी शामिल होते हैं।

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