जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एकलव्य आदर्श विद्यालय पथर्रीडीह में 14 करोड़ की लागत के भवन का मुख्यमंत्री के हाथों हुआ लोकार्पण

राजशेखर नैर

धमतरी. अनुसूचित जनजाति के होनहार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए हाल ही में वनांचल नगरी के पथर्रीडीह में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन बनाया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ’गांधी विचार पदयात्रा’ के दौरान भखारा में 06 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में 14 करोड़ की लागत से तैयार जिले के इस पहले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन का लोकार्पण किया।

ज्ञात हो कि दो साल से यह विद्यालय धमतरी के हटकेश्वर वार्ड के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में संचालित था। अब स्वयं का सुविधायुक्त भवन बन जाने से विद्यार्थियों को काफी खुशी महसूस हुई है। यह बताना लाजमी है कि इन आवासीय विद्यालयों में चयन परीक्षा के जरिए 11 से 13 साल की उम्र के बच्चों को कक्षा छठवीं में प्रवेश दिया जाता है।

14 करोड़ की लागत के भवन का मुख्यमंत्री के हाथों हुआ लोकार्पण

कक्षा बारहवीं तक सम्पूर्ण शिक्षा की निःशुल्क व्यवस्था यहां बच्चों को मिलती है। इसमें शिक्षण उत्तर गतिविधियां, भोजन, पाठ्यपुस्तक, लेखन सामग्री, आवासीय सुविधा, गणवेश वगैरह शामिल हैं। प्राथमिकता विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाती है, जिससे कि वे पढ़- लिखकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। विद्यालय में 05 लैब, 18 कक्ष, कंप्यूटर लैब की सुविधा भी है, जिससे बच्चों का ज्ञान संवर्धन के साथ ही प्रतिस्पर्धा की भावना जगा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सके।

प्राचार्य निवास के साथ ही शिक्षक तथा कर्मचारियों के लिए भी परिसर में आवास सुविधा है। खेल प्रतिभाओं को निखारने यहां खेल मैदान और बैडमिंटन कोर्ट तैयार किया जा रहा। इस आदर्श विद्यालय के बालक तथा बालिका छात्रावास में 30-30 कक्ष हैं। वर्तमान में कक्षा छठवीं से आठवीं तक के 179 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें 90 बालक और 89 बालिकाएं सम्मिलित हैं। एकलव्य विद्यालय के संचालन के लिए जिला स्तरीय आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षिणिक संस्थान समिति गठित की गई है, जिसके अध्यक्ष कलेक्टर होते हैं। विद्यालय की गतिविधियों की समीक्षा समय-समय पर बैठकें आयोजित कर समिति द्वारा की जाएगी

Back to top button