मुख्यमंत्री बोले-जशपुर जिला बना रहा विकासगढ़ी की पहचान

मुख्यमंत्री ने कांसाबेल में किया 133 करोड़ रूपए की लागत के 664 कार्यो का लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ का दूरस्थ वनांचल का जशपुर जिला विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब यह जिला विकासगढ़ी के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। जशपुर जिला विकास का गढ़ है और विकास के मामले में देश में एक उदाहरण बन गया है।

जब प्रधानमंत्री विकास कार्यो के लिए जिलों को सम्मानित करते हैं, तो जशपुर का नाम सबसे पहले आता है। जशपुर विकास को रोकने वाला नहीं, किसी को प्रतिबंधित करने वाला नहीं, लोगों को गले लगाने वाला जिला है। जागरूक महिलाओं को ज्यादा ताकत देने वाला और विकास को मजबूत करने वाला जिला है।

मुख्यमंत्री डॉ.सिंह प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के दौरान आज जशपुर जिले के विकासखंड मुख्यालय कांसाबेल में आयोजित आमसभा को संबोधित कर रहे थे। गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, श्रम, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भईयालाल राजवाड़े, केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साय, संसदीय सचिव शिव शंकर पैकरा और राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के जशपुर जिले के विकास में योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री डॉ सिंह ने आमसभा में 133.25 करोड़ रूपये की लागत के 664 विभिन्न कार्यो का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने इनमें वे 52.05 करोड़ रूपए के पूर्ण हो चुके 382 कार्यों का लोकार्पण और 81.20 करोड़ रूपए के 282 विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन-शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के 27,600 हितग्राहियों को 16.79 करोड़ रूपए की सामग्री और सहायता राशि के चेक वितरित किये। डॉ. सिंह ने जिले के 12 हजार परिवारों को आबादी पट्टा, 8 हजार से अधिक किसानों को 15 करोड़ रूपए का धान बोनस और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में गरीब परिवारों की 5 हजार महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन वितरित किये।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर जिले के चारों ओर परिवर्तन के साथ विकास साफ-साफ दिखाई दे रहा है। महिलाएं हों चाहे किसान और आदिवासी तथा गरीब, सभी वर्गो के लोगों में पहले की अपेक्षा काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जशपुर जिला आज कौशल उन्नयन तथा रोजगार के मामले में प्रदेश में सबसे आगे है। इसी तरह संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में भी पूरे छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले का नाम सबसे ऊपर है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह जशपुर जिला विकास और बदलाव का अच्छा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम बिहान के अंतर्गत 10 हजार महिलाएं और रेशम व्यवसाय से 60 से 65 हजार तक महिलाएं रोजगार के जरिए आत्मनिर्भर हुई है। जशपुर जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में सबसे ज्यादा 01 लाख 6 हजार रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना में 28 हजार मकानों का निर्माण किया गया है। यहां सड़क, पुल-पुलियों और भवनों का निर्माण तो हो ही रहा है, साथ ही साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सहित बुनियादी सुविधाएं तेजी से विकसित हो रही हैं।

मुझे खुशी होती है कि जे.ई.ई. जैसी कठिन और महत्वपूर्ण परीक्षा का परिणाम निकलता है, तो उसमें जशपुर जिले से सबसे अधिक विद्यार्थी सफल रहते हैं। इसी तरह 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में भी हमेशा 4 से 6 विद्यार्थी तक शामिल रहते हैं। इसी तरह कौशल उन्नयन में भी जशपुर जिले के युवाओं की अच्छी भागीदारी रही है और यहां के युवा प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने शासन द्वारा लोगों के विकास के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों को जमाने के अनुरूप स्मार्ट बनाने के लिए आगामी तीन माह के भीतर 50 लाख लोगों को स्मार्ट फोन का वितरण किया जाएगा। इसी तरह बेघर लोगों को मकान देने और हर घर को रोशन करने के लिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं हैं।

मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत गरीबों को एक रूपए किलो में चावल, निःशुल्क नमक तथा पांच रूपए किलो में चना का वितरण तथा तेंदूपत्ता बोनस राशि और चरण-पादुका वितरण आदि योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत हर एक स्मार्ट कार्ड धारी परिवार को 50 हजार रूपए तक की इलाज सुविधा का मुफ्त लाभ पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवार को 5 लाख रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिले में काफी लोगों को लाभ मिलेगा और उन्हें इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कांसाबेल में जिन कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें 10 करोड़ 75 लाख की लागत से निर्मित कुनकुरी महुआटोली से जोकारी सड़क मार्ग, 9.25 करोड़ की लागत से बना पतराटोली से दुलदुला मुख्यालय तक सड़क, 2.55 करोड़ की लागत के अम्बाटोली से गड़बहार तक सड़क, 2.46 करोड़ रूपए की लागत से भेलवा मिशन चौक से तुमला सीमा तक सड़क 2.28 करोड़ रूपए की लागत के कोरंगामाल से पेरवांआरा सड़क मार्ग और 2.76 करोड़ रूपए की लागत के लावकेरा से नाका बेरियर से जगदमपुर सड़क शामिल हैं।

उन्होंने 73 लाख की लगात की नलजल प्रदाय योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् 2.80 करोड़ की लागत के केरसई-सरईटोली मार्ग, 26.50 लाख की लागत से खनिज न्यास निधि के अंतर्गत निर्मित 10 मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र भवन, 47 स्कूलों में 18.75 लाख रूपए की लागत से लद्यु मरम्मत के कार्य और पंचायत एवं ग्रामीण विकास द्वारा 10.02 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 200 कार्यों का लोकार्पण किया।

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