मध्यप्रदेश

लव जिहाद कानून पर बोले मुख्यमंत्री, बेटियों के साथ अन्याय हो रहा था.. जरुरी था कानून लाना

वहीं अब विधेयक को 28 दिसंबर से प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जायेगा।

भोपाल। लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को शिवराज कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्तावित कानून के प्रविधानों को अंतिम रूप दिया गया। वहीं अब विधेयक को 28 दिसंबर से प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जायेगा।

लव जिहाद को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य कानून लाना जरुरी था। प्रदेश में बेटियों के साथ अन्याय हो रहा था, इस अन्याय को खत्म करने के लिए ये कानून लाया है। सीएम ने आगे कहा कि चुनाव लड़ने के लिए नाबालिगों से शादियां हो रही थीं। अब कानून के आ जाने से इस पर लगाम लगाया जा सकेंगा। सरकार के पास ठोस साक्ष्य है उसके आधार पर ही कानून को सहमति दी गई है।

मंगलवार को भी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई थी। जिसमें धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रस्तुत किया गया था लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया था। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर चर्चा की बात कहते हुए टाल दिया गया था। वहीं आज कुछ महत्वपूर्ण सुझाव पर चर्चा के बाद आज विधेयक को शिवराज कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा लव जिहाद विधेयक को लेकर जानकारी दी। वहीं सजा के प्रावधानों को बारे में बताया। मंत्री ने कहा कि सरकार ने लव जिहाद कानून को कठोर बनाने की कोशिश की गई है। प्रस्तावित विधेयक में अधिनियम का उल्लंघन करने पर अधिकतम दस साल सजा और पचास हजार रुपये अर्थदंड का प्रविधान किया गया है। इसके साथ ही अपराध गैर जमानती होगी। माता-पिता, भाई-बहन की शिकायत के अलावा न्यायालय की अनुमति से मत परिवर्तित व्यक्ति से संबंधित (रक्त, विवाह, दत्तक ग्रहण, अभिरक्षा में हो) व्यक्ति की शिकायत पर जांच होगी।

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