मुख्यमंत्री आज करेंगे जिले के पहले बीपीओ आरोहण का लोकार्पण

आरोहण के पहले बैच के युवा मुख्यमंत्री के हाथों से एप्वाइंटमेंट लेटर ग्रहण करेंगे

राजनांदगांव : जिले में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आज से नये युग का आगाज होगा। जिले के पहले बीपीओ आरोहण में 132 युवा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हाथों एप्वाइंटमेंट लेटर ग्रहण करेंगे। यह पहले बैच के युवा हैं जिनका प्रशिक्षण समाप्त हो चुका है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिले के कम्प्यूटर प्रशिक्षित युवाओं के रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे और यहाँ बीपीओ इंडस्ट्री के सेटअप के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद टेडेसरा में बीपीओ के इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से कार्य किया गया और रिकार्ड समय में बीपीओ बनकर तैयार हो गया।

राजनांदगांव में बीपीओ के लिए बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुल सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नई दिल्ली में कनाडा की कंपनी पल्सस के सीईओ डॉ. श्रीनुबाबू गेदेला से विस्तृत चर्चा की। इसके पश्चात् पल्सस के छŸाीसगढ़ में आपरेशन के विस्तार पर सहमति बनी और पल्सस समूह ने राजनांदगांव के 1000 युवाओं को रोजगार प्रदान करने का निर्णय लिया। लोकार्पण के पूर्व कलेक्टर भीम सिंह ने आज बीपीओ कैंपस का निरीक्षण किया। यहां वे डाटा एन्ट्री कर रहे युवाओं से मिले। युवाओं ने उन्हें बताया कि अपनी शुरूआत वे एक बीपीओ कंपनी से करेंगे, इसके बारे में उनके लिए सोचना भी मुश्किल था क्योंकि बीपीओ की बात जब होती थी तब हमेशा हमें बंगलुरू, हैदराबाद जैसे आईटी हब याद आते थे। अपने घर के बिल्कुल पास इतने अच्छे अवसर का मिलना सपने के सच होने जैसा है। कलेक्टर ने कहा कि बीपीओ इंडस्ट्री में आगे बढ़ने की अच्छी संभावना है। राजनांदगांव में प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर अन्य कंपनियाँ भी यहाँ निवेश के लिए इच्छुक होंगी, इससे बेहतर कार्य कर रहे युवाओं को आगे बढ़ने के लिए नये अवसर उपलब्ध होंगे।

वाइस सेगमेंट प्रारंभ करने स्पोकन इंग्लिश की क्लास भी
कलेक्टर ने बताया कि बीपीओ केवल युवाओं को रोजगार के अवसर ही उपलब्ध नहीं कराएगा अपितु साफ्ट स्किल भी सिखायेगा। इसमें पर्सनालिटी डेवलपमेंट, स्पोकन इंग्लिश जैसे विविध विषयों की कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या खास है आरोहण में
आधुनिक कॉल सेंटर के मानकों के अनुरूप पूरी सुविधा आरोहण में उपलब्ध कराई गई है। यहाँ 500 एमबीपीएस बैंडविड्थ के साथ 300 कम्प्यूटर के साथ पूरी तरह फंक्शनल वर्कस्टेशन होंगे। यहाँ 100 लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी है। कैंटीन एवं मेडिकल रूम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। पूरा कैंपस 10 हजार वर्गफीट में फैला है और सुंदर लैंडस्केपिंग भी की गई है।

कैसे काम करता है बीपीओ
बीपीओ अर्थात् बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग, अनेक कंपनियाँ अपने व्यवसाय से संबंधित विशिष्ट कार्य अथवा जिम्मेदारी किसी तीसरी पार्टी को करार पर सौंप देती है। यह प्रक्रिया बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग कहलाती है।

आरोहण के अंदर ऐसा माहौल जैसे आप किसी आईटी हब में आ गए
आरोहण में कार्य कर रहे युवाओं को अपने सबस्टेशन में डाटा एंट्री करते हुए देखने में एक पल में आप अचरज में पड़ जाएंगे कि आप राजनांदगांव में ही हैं अथवा हैदराबाद के किसी आईटी हब में आ गए। यह सपना सच हुआ है। अत्याधुनिक तकनीक के साथ सभी सुविधाओं से युक्त आरोहण में काम का अनुभव युवाओं के लिए अद्वितीय होगा। इससे उन्हें अपने करियर में और आगे बढ़ने एवं नई बुलंदियाँ छूने की आकांक्षा भी निरंतर बढ़ेगी।

Back to top button