उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से कहा- 2022 तक पूरे उत्तर प्रदेश को मिले शुद्ध पेयजल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि वर्षा का जल संचयन करके खारे पानी की समस्या को समाप्त किया जा सकता है

लखनऊ। लॉकडाउन खुलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास कार्यों को गति देने में जुट गए हैं। तमाम बिंदुओं पर लगातार चर्चा कर रहे योगी ने जल जीवन मिशन की हर घर जल योजना और अटल भूजल योजना की समीक्षा कर शनिवार को प्रगति जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 2022 तक पूरे प्रदेश को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर शनिवार को जल जीवन मिशन की हर घर जल व अटल भूजल योजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसे देखने के बाद योगी ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी योजनाएं समय से और मानक के अनुसार पूरी की जाएं। जो पेयजल योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनमें तेजी से कनेक्शन देना शुरू करें।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र, आर्सेनिक-फ्लोराइड और जेई-एईएस से प्रभावित आबादी तथा आठ आकांक्षात्मक जिलों सहित पूरे प्रदेश में वर्ष 2022 तक हर हाल में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए।

लक्षित क्षेत्रों में तेजी से काम के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रत्येक पंद्रह दिन में काम की प्रगति की रिपोर्ट उन्हें दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और दुरूह क्षेत्रों में कठिनाइयों के साथ रहने वाले नागरिकों की समस्याओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का अधिकार है। राज्य सरकार, केंद्र सरकार के सहयोग से हर घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए कटिबद्ध है। अटल भूजल योजना को भी तेजी से पूरा करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि वर्षा का जल संचयन करके खारे पानी की समस्या को समाप्त किया जा सकता है, इसलिए लोगों को जल संचयन के महत्व को बताना भी आवश्यक है। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव नमामि गंगे, ग्रामीण जल संसाधन अनुराग श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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