समझाईश देकर बाल-विवाह रोका गया

बेमेतरा : बीते दिनों विकासखण्ड नवागढ़ के ग्राम मुड़पार थाना संबलपुर के एक परिवार में नाबालिग बालक के विवाह किये जाने की सूचना पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में आउटरीच वर्कर राजेश चंद्राकर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रबुद्ध नागरिकों की सहायता से उस बालक के निवास स्थान पर पहुंच कर उक्त बालक व उसके परिजनों एवं आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई,

जिससे विवाह किये जाने के तथ्य की पुष्टि हुई। बालक का विवाह जिला मुंगेली स्थित ग्राम-गुरूवईन डबरी, तहसील लोरमी, थाना लालपुर में जिस बालिका से संपन्न होना प्रस्तावित था वह भी 18 वर्ष से कम आयु के होने की पुष्टि जिला बाल संरक्षण इकाई मुंगेली द्वारा की गई।

जिसे समझाईश देकर व आवश्यक कार्यवाही कर विवाह स्थगित किये जाने की सूचना प्राप्त हुई है। बालक के पिता के अनुसार वे गरीब हैं तथा हमें ज्ञात नहीं था कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एंव 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह गैर कानूनी है।

अधिकारियों द्वारा समझाईश दिये जाने पर उन्होंने उक्त बालक का विवाह 21 वर्ष के उपरांत किये जाने की शपथपूर्वक कथन किया। बालक व परिजनों को बालक कल्याण समिति बेमेतरा में समझाईश हेतु बुलाया गया तथा उन्हें बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 में उल्लेखित प्रावधानों के बारे में बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका व 21 वर्ष से कम आयु का बालक का विवाह करना या करवाना अपराध है।

जो भी व्यक्ति ऐसा करता है या विवाह में सहयोग प्रदान करता है तो उसे भी 02 वर्ष तक कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि एक लाख रू. तक हो सकता है। अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। उक्त कार्यवाही में आउटरीच वर्कर राजेश कुमार चंद्राकर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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